
बीआरएबीयू में 70 सहायक प्रोफेसरों के अनुभव प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी पाई गई, जिसकी जांच रिपोर्ट आयोग को भेजी जा रही है। कई शिक्षकों की पोस्टिंग और वेतन रोके गए हैं, जबकि कुछ मामलों में बर्खास्तगी भी हो चुकी है।

बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग ने फरवरी 2019 पीएचडी में करने वाले को 10 में 9.7 अंक दिया। नियम के अनुसार अभ्यर्थी को दो से तीन अंक मिलने चाहिए। अब जांच हो रही है।

बिहार असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में लगातार गड़बड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। जांच में इंटर कॉलेज के अनुभव पर सहायक प्राध्यापक की नौकरी मिलने की बात सामने आई है। इंटर कॉलेज का अनुभव पत्र मान्य नहीं है।

बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग से नियुक्त सहायक प्राध्यापकों की जांच में कई परतें खुल रही हैं। कई शिक्षकों की नियुक्ति का विज्ञापन संबंधित कॉलेज से नहीं निकला और सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति कॉलेज ने कर ली।
BSUSC Vacancy : जानकारों ने बताया कि कुछ विश्वविद्यालयों की रिक्तियां प्राप्त नहीं हुई हैं। अगली वैकेंसी दो हजार के आसपास आएगी। इस बार राजभवन के नये गाइडलाइन से नियुक्ति की प्रक्रिया होगी।
बिहार के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया बदलेगी। अब सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति लिखित परीक्षा के आधार पर किये जाने की तैयारी है।
Assistant Professor recruitment : संस्कृत विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए एक सीट पर 20 अभ्यर्थी कतार में हैं। बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग ने संस्कृत विषय के इंटरव्यू के लिए योग्य अभ्यर्थियों की सूची जारी की है।
MPPSC Assistant Professor Vacancy 2025: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने असिस्टेंट प्रोफेसर के 1930 पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए mppsc.mp.gov.in या www.mponline.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
BSUSC Bihar Assistant Professor Recruitment : बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग से भर्ती हुए असिस्टेंट प्रोफेसर के एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट की जांच में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है।
बीएसयूएससी को असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया में विश्वविद्यालयों की ओर से जारी किए गए फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों की नई चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।