
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी आईसीयू में एक महिला मरीज के नाक से सोने की कील चोरी हो गई। घटना के बाद हड़कंप मच गया और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे। तीमारदार की नींद खुलने पर कील गायब मिली। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एम्बुलेंस माफिया के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। शनिवार को गार्डों ने एक संदिग्ध युवक को पकड़ा जो मरीजों को निजी अस्पतालों में ले जाने का प्रयास कर रहा था। युवक की पहचान अनुज प्रताप सिंह के रूप में हुई। पुलिस ने उसे शांतिभंग के आरोप में चालान किया।

गोरखपुर स्थित बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों ने तीमारदार को पीट दिया। दरअसल, नसीहत देने पर डॉक्टर नाराज हो गए थे। वहीं, पुलिस ने मामला शांत करवाया। पुलिस की मदद से परिजन मरीज को डिस्चार्ज कराकर घर वापस ले गए।

केस रिपोर्ट -बार-बार उल्टी और मिचली की समस्या लेकर इलाज के लिए पहुंचती थी
गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज परिसर में नवीनीकृत नेक्स्ट-जेन डाकघर का शुभारंभ किया गया। प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने सेवाओं की शुरुआत की। पोस्टमास्टर जनरल गौरव कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इसमें डिजिटल लेनदेन, पार्सल सेवा, और बचत योजनाएं उपलब्ध होंगी। इस अवसर पर डॉ. अश्वनी मिश्रा और मेडिकल छात्र उपस्थित रहे।
गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के 2020 बैच के एमबीबीएस छात्रों का दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। कुल 149 छात्रों को मेडल और प्रमाण पत्र मिले। दिल्ली की डॉ. मुस्कान गुप्ता ने ओवरऑल टॉप किया। कार्यक्रम में कुलपति डॉ. पूनम टंडन और महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव मौजूद रहे। छात्रों ने रिसर्च पर भी चर्चा की।
गुलरिहा के बीआरडी मेडिकल कॉलेज परिसर से शुक्रवार रात एक निजी एम्बुलेंस और दो ऑटो को मेडिकल चौकी पुलिस ने सीज कर दिया। ये वाहन बिना सूचना के मरीज लेकर जा रहे थे। सुरक्षा गार्डों की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चालकों से पूछताछ की, जिसके बाद वाहनों को थाने लाया गया।
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज की पुरानी इमरजेंसी के आईसीयू में स्टाफ की लापरवाही का मामला सामने आया है। आईसीयू में कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल उठते हुए एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें नर्स सो रही है और सफाईकर्मी बेड पर लेटकर मोबाइल देख रहा है। प्राचार्य ने मामले की जांच का आदेश दिया है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्रों की मुसीबतें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। साल 2009 बैच का एक छात्र 15 साल बाद भी फाइनल ईयर में फेल हो गया। हाईकोर्ट के निर्देश पर उसका रिजल्ट जारी किया। जिसमें दो विषयों में बैक लगी।
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज ने चिकित्सा शिक्षा में अनुसंधान को नई दिशा देने के लिए डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय को पांच पीएचडी और 10 इंटर्नशिप सीटों की संस्तुति भेजी है। इससे छात्रों को लाभ होगा और क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की संभावना है।