
सहारनपुर के उमाही गांव में जलभराव, कच्ची सड़कें और पेयजल संकट जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। गांव के लोग वर्षों से जलनिकासी और सफाई व्यवस्था की कमी से परेशान हैं। बरसात के समय हालात और खराब हो जाते हैं, जिससे मच्छरों के बढ़ने और बीमारियों का खतरा बढ़ता है।

सरसावा, जिसकी आबादी करीब 45 हजार है, बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। यहां बस अड्डा, पार्किंग और सार्वजनिक शौचालय नहीं हैं, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों ने कई बार प्रशासन से सुधार की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

सहारनपुर में 16 हजार सेवानिवृत्त राज्य कर्मचारियों को पेंशन प्राप्त करने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जीवित प्रमाण पत्र जमा करने के लिए उन्हें लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है, और 18 महीने का महंगाई राहत भत्ता भी लंबित है।

कृष्णाधाम कॉलोनी, जो लगभग 15 वर्ष पुरानी है, आज भी विकास से दूर है। यहाँ के निवासी मूलभूत सुविधाओं की कमी, जैसे सड़कें, जल निकासी, सफाई और स्ट्रीट लाइट की समस्याओं का सामना कर रहे हैं। बारिश के मौसम में कीचड़ और जलभराव से लोग परेशान हैं। नागरिकों की मांग है कि प्रशासन इस समस्या का समाधान करे।

सहारनपुर जिला अस्पताल की स्थिति बेहद दयनीय है। जलापूर्ति, साफ-सफाई और वार्डों की खराब हालत ने मरीजों को परेशान कर रखा है। संक्रमण वार्ड में मच्छरों का आतंक है और शौचालयों का भी यही हाल है। अस्पताल प्रशासन को तत्काल सुधार की आवश्यकता है ताकि मरीजों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण मिल सके।

इंदिरा कॉलोनी में लगभग 6000 की जनसंख्या है, लेकिन यहां सड़कें, पानी की व्यवस्था और सफाई की कोई सुविधा नहीं है। लोग सरकारी योजनाओं से वंचित हैं और प्रशासनिक अनदेखी के कारण उनके जीवन में संघर्ष जारी है। कॉलोनी में पेयजल, सफाई और सीवर व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है।

पठानपुरा कॉलोनी की बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बेहद खराब है। कच्ची सड़कों, जलभराव और सफाई व्यवस्था की कमी के कारण निवासियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में स्थिति और बिगड़ जाती है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ता है। स्थानीय लोग नगर निगम से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।

सहकारी क्रय विक्रय समितियों में खाद की किल्लत के कारण किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गेहूं की बुवाई का समय है, लेकिन यूरिया, डीएपी, पोटाश जैसी खादें उपलब्ध नहीं हैं। किसानों को सीमित मात्रा में खाद मिल रही है, जिससे बुवाई प्रभावित हो रही है।

शहर का विस्तार तेजी से हो रहा है, लेकिन चक देवली कॉलोनी अभी भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। कॉलोनी में सड़कों, पानी निकासी और सफाई की गंभीर समस्याएं हैं। निवासियों का कहना है कि नगर निगम ने 2009 में...

शारदा नगर के मुख्य मार्ग पर नगर निगम ने पुलिया ध्वस्त कर दी है, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। स्कूल के बच्चों और व्यापारियों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम से...