
राजनीतिक और सामाजिक दबाव के कारण शादी-विवाह के दौरान डीजे की तेज आवाज़ बढ़ती जा रही है। प्रशासन द्वारा ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नियम बनाए गए हैं, लेकिन कार्यान्वयन में कमी है। बुजुर्ग और बीमार लोग इससे परेशान हैं। शादी के सीजन में प्रशासन को सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।

पूर्णिया की सौरा नदी, जो कभी जीवनरेखा थी, अब अतिक्रमण और प्रदूषण के कारण संकट में है। स्थानीय लोग नदी के संरक्षण के लिए अभियान चला रहे हैं। अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो जल संकट गंभीर हो सकता है। प्रशासन से गाद सफाई और अतिक्रमण हटाने की मांग की जा रही है।
पूर्णिया जिले में 40 लाख की आबादी है, लेकिन सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं की कमी के कारण लोग दवा दुकानदारों पर निर्भर हो रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में दवा दुकानदारों के पास न तो अनुभव है और न ही डिग्री, फिर भी वे इलाज कर रहे हैं। इसके चलते लोगों की जान जोखिम में है।

पूर्णिया जिला अभिलेखागार में जमीन से संबंधित खतियान और न्यायालयीन आदेशों की नकल प्राप्त करना अब आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। राज्य सरकार के नए आदेश के अनुसार, सभी नकल केवल ऑनलाइन प्राप्त की जा सकती हैं, जबकि 60 प्रतिशत अभिलेख अभी भी डिजिटल नहीं हुए हैं।

किसानों को पारंपरिक खेती से लाभ नहीं मिल रहा है। प्रशिक्षण के अभाव में वे गुणवत्ता वाले बीज और खाद की पहचान नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उपज कम हो रही है। रासायनिक खाद का अधिक उपयोग मिट्टी की उर्वरा शक्ति को घटा रहा है। किसानों को जैविक खाद और सही जानकारी की आवश्यकता है।

पूर्णिया जिले में मिलावटी और गुणवत्ताहीन खाद्य सामग्री की बिक्री एक गंभीर समस्या बन गई है। मिठाई, तेल, मसाले और पशु आहार में मिलावट के चलते स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ रहा है।

पूर्णिया जिले के मीरगंज प्रखंड में 10,000 से अधिक कुम्हार परिवार मिट्टी के बर्तन और मूर्तियाँ बनाते हैं। महंगी मिट्टी और जलावन के कारण उनकी आमदनी कम हो रही है। कुम्हार समाज सरकार से मदद की अपील कर रहा है, ताकि उनकी कला और परंपरा को संरक्षित किया जा सके।

पूर्णिया में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की स्थिति चिंताजनक है। लेबर कार्ड और राशन कार्ड की कमी के कारण उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। महंगाई और बेरोजगारी ने जीवन को कठिन बना दिया है। प्रशासन को ठोस कदम उठाकर श्रमिकों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

जानकीनगर रेलवे स्टेशन पर बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण यात्री परेशान हैं। बड़े लाइन के परिचालन के बाद भी स्टेशन पर प्रतीक्षालय, शौचालय, और सुरक्षा कैमरे नहीं हैं। स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से सुविधाएं सुधारने की मांग की है। इसके अलावा, कच्ची सड़क और पार्किंग की व्यवस्था भी उचित नहीं है।

-प्रस्तुति : रजनीश भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन के