
तारापुर प्रखंड के रविदास टोला में पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। महिलाएं और किशोरियां खुले में शौच जाने को मजबूर हैं, जिससे उनकी गरिमा और सुरक्षा पर खतरा है। सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने से स्थिति और गंभीर हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से समस्या का समाधान करने की मांग की है।

-प्रस्तुति: गौरव मिश्रा जमालपुर नगर परिषद अंतर्गत वार्ड-5 (टेढ़ी बाजार, मुंगरौड़ा) की आबादी लगभग

तारापुर नगर पंचायत के वार्ड 16 के मेहतर टोला में लोग बुनियादी सुविधाओं के अभाव में नारकीय जीवन जी रहे हैं। यहाँ सड़क, नाला, और शौचालय की कमी है। बरसात में स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे गंदा पानी घरों में घुस जाता है। स्थानीय लोग वर्षों से विकास की मांग कर रहे हैं।

मुंगेर जिले के बेलाडीह पंचायत के मुसहरी टोला में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। यहाँ के ग्रामीण शौचालय, पक्के मकान और स्वच्छ पेयजल जैसी आवश्यकताओं से वंचित हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने से लोग खुले में शौच करने को मजबूर हैं। प्रशासनिक लापरवाही ने विकास के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जामालपुर नगर परिषद के वार्ड संख्या-8 में लगभग 4,000 मतदाता हैं, लेकिन बुनियादी नागरिक सुविधाएं बेहद खराब हैं। जल-नल योजना अधूरी है, जिससे 100 घरों तक नल कनेक्शन नहीं पहुंचा। सड़कें जर्जर हैं और सीवरेज व्यवस्था नहीं है।

मुंगेर नगर निगम के वार्ड संख्या-17 माधोपुर में नागरिक सुविधाओं की स्थिति अत्यंत खराब है। जर्जर सड़कों, खराब पेयजल व्यवस्था और सुरक्षा की कमी से स्थानीय लोग परेशान हैं। वार्ड में नालों का निर्माण नहीं हुआ है, जिससे जलजमाव और गंदगी की समस्या बढ़ रही है। नागरिकों ने ठोस कार्रवाई की मांग की है।

फुलहट गांव, पाटम पश्चिमी पंचायत में पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की गंभीर कमी है। सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है।

चड़ौन गांव, जो हर वर्ष बाढ़ का शिकार होता है, अब बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है। जर्जर पुल, अधूरी योजनाएं और जलनिकासी की समस्याएं ग्रामीणों के जीवन को कठिन बना रही हैं। प्रशासनिक उदासीनता के कारण स्थिति गंभीर हो गई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करेंगे।

मुंगेर नगर निगम के वार्ड संख्या-15 के पूरबसराय मोहल्ला में नागरिक सुविधाओं की भारी कमी है। यहां के लोग सीवरेज, पेयजल और पक्की सड़क की कमी से जूझ रहे हैं। बरसात में स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

नीरपुर पंचायत के नजीरा लालजी टोला में 50 परिवार आज भी फूस के मकानों में रह रहे हैं। सरकारी योजनाएं कागजों तक सीमित हैं और नल-जल योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।