
जमुई जिले के महादलित टोले में लोग पेयजल की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। सरकार की हर घर नल योजना लागू नहीं हो पाई है, जिससे ग्रामीण कुएं और तालाबों के दूषित पानी का सेवन करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल संकट का समाधान शीघ्र करने की मांग की है।

लक्ष्मीपुर में स्थायी ऑटो स्टैंड के अभाव में यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। ऑटो चालक सड़क पर वाहन खड़ा करते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनती है। यह न केवल यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनता है, बल्कि सुरक्षा के लिए भी खतरा है। स्थानीय लोग प्रशासन से स्थायी स्टैंड बनाने की मांग कर रहे हैं।

प्रस्तुति, सुभाष कुमार पांडेय सिकंदरा नगर पंचायत में अतिक्रमण हटाने के बाद फुटकर दुकानदारों

बिहार के कदहर गांव में नाटा नदी पर बने वियर से निकलने वाली दाहिनी केनाल में अतिक्रमण और गंदगी के कारण पानी का प्रवाह लगभग बंद हो गया है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने करोड़ों खर्च किए, लेकिन जमीनी स्तर पर सुधार नहीं हो रहा।
महिला सशक्तीकरण की दिशा में सरकारों ने कई कदम उठाए हैं, जैसे महिला आरक्षण बिल और आरक्षण की व्यवस्था। लेकिन, महिलाएं कई बुनियादी सुविधाओं से अब भी वंचित हैं, जैसे महिला कॉलेज, खेल संसाधन, और सुरक्षित आवागमन
सिमुलतला में 8 से 17 मार्च तक श्री श्री 1008 शिव शक्ति महायज्ञ का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है। हालांकि, झाझा-सिमुलतला मार्ग पर स्थित एक जर्जर पुलिया के कारण सड़क पर दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है।
-प्रस्तुति : शंकर किशोर सिंह होली नजदीक आते ही जिले के शहरी और ग्रामीण
झाझा प्रखंड के हथिया पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय की शिक्षा प्रभावित हो रही है। विद्यालय को अस्थायी रूप से एक मंदिर में संचालित किया जा रहा है, जहाँ आठ कक्षाओं के छात्रों की पढ़ाई एक ही कमरे में हो रही है।
झाझा नगर परिषद के वार्ड 25 में जल संकट गहराता जा रहा है। नदी और कुएं सूख गए हैं, और नल-जल योजना पिछले कई वर्षों से ठप है। धोबी समाज को रोजमर्रा के काम के लिए पानी नहीं मिल रहा है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट आ गया है। स्थानीय लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
जमुई के फुटपाथी फल विक्रेताओं को जगह और साफ-सफाई की कमी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन द्वारा उचित स्थान न दिए जाने के कारण उनका धैर्य टूट रहा है। गंदे नाले और सड़क पर जाम के कारण उनकी रोजी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है। वे स्थायी स्थान की मांग कर रहे हैं ताकि उनकी समस्याओं का समाधान हो सके।