
दरभंगा में कड़ाके की ठंड और भूख से पशु-पक्षी बेहाल हैं। समाजसेवियों ने पशुओं को चारा खिलाकर निगम प्रशासन की संवेदना जगाने का प्रयास किया, लेकिन नगर निगम लापरवाह बना हुआ है।

शहर के वार्ड नंबर 39 के सराय सत्तार खां मोहल्ले के लोग अतिक्रमण और जलजमाव की समस्याओं से परेशान हैं। मुख्य सड़क पर अतिक्रमण के कारण आवाजाही मुश्किल हो गई है।

वार्ड-47 का पोखर दशकों से बदहाल है, लोगों ने इसके सौंदर्यीकरण की मांग की है। लोहिया चौक के पास स्थित इस पोखर के एनओसी नहीं मिलने से सौंदर्यीकरण प्रस्ताव अधर में है।

दरभंगा जिले में बच्चों और युवाओं के बीच फुटबॉल का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। ग्रामीण बच्चों में फुटबॉल के प्रति रुचि बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि सही मार्गदर्शन और सुविधाओं से ये युवा राष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल कर सकते हैं।

दरभंगा में पढ़ाई करने वाले छात्र सुविधाओं की कमी से परेशान हैं। छोटे कमरों में रहकर और बंद सार्वजनिक पुस्तकालयों के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में कठिनाई हो रही है।

वार्ड नंबर 45 के बलभद्रपुर मोहल्ले में जलनिकासी की समस्या गंभीर हो गई है। अनियोजित निर्माण और कमजोर ड्रेनेज सिस्टम के कारण बारिश में पानी जमा हो जाता है, जिससे स्वास्थ्य खतरे बढ़ रहे हैं।

जिले के तेलहन उत्पादक किसानों की बेचैनी बढ़ गई है। कड़ाके की ठंड से सरसों और तोड़ी के पौधों में रोग लगने का खतरा है। किसान फसल की देखरेख कर रहे हैं, पर ठंड और कोहरे के कारण फंफूद जनित बीमारी की आशंका बढ़ गई है। इससे उत्पादन घटने और आर्थिक मुश्किलें बढ़ने की चिंता है।

बागमती नदी के किनारे स्थित वाजिदपुर दलित बस्ती के लोग कई सालों से जलजमाव और जलनिकासी की समस्या का सामना कर रहे हैं। यहां न तो पक्के नाले हैं और न ही सड़कें, जिससे बारिश के समय घरों में गंदा पानी भर जाता है। स्थानीय लोग पक्की नाली और सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं।

बिहार सरकार संस्कृत शिक्षा के उन्नयन के लिए पहल कर रही है। 47 संस्कृत विद्यालयों को मॉडल संस्थान बनाने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, छात्रों की संख्या में कमी आ रही है क्योंकि बुनियादी सुविधाओं की कमी और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने के कारण अभिभावक बच्चों का नामांकन नहीं करा रहे हैं।

वार्ड नंबर 35, जो बेंता क्षेत्र में स्थित है, गंभीर नागरिक समस्याओं का सामना कर रहा है। यहां कचरा प्रबंधन का अभाव और पेयजल संकट है। मेडिकल वेस्ट का सही तरीके से निपटान नहीं हो रहा है, जिससे स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। सबमर्सिबल खराब होने के कारण पानी की आपूर्ति ठप हो गई है।