
मामला यह है कि वह पाकिस्तान को कभी भी तवज्जो नहीं देना चाहता, लेकिन इस बोर्ड में डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ भी शामिल होंगे। यही नहीं तुर्की भी इसमें शामिल रहेगा, जो फिलिस्तीन के मसले पर खुलकर इजरायल का विरोधी रहा है।

अमेरिका के इस बोर्ड में पाकिस्तान और तुर्की पहले ही शामिल हो चुके हैं। कश्मीर मसले पर इन दोनों देशों के साथ भारत का विवाद बना हुआ है। ऐसे में गाजा के मसले पर इनका शामिल होना भी अखरने वाली बात है। यही नहीं पाकिस्तान को इसका हिस्सा बनाए जाने से इजरायल भी सहज नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है अगर ट्रंप इस बोर्ड को केवल गाजा तक सीमित रखते, तो शायद अधिक यूरोपीय देश इसमें शामिल होते। लेकिन इसे ट्रंप फैन क्लब में बदलने की कोशिश ने इसे एक कूटनीतिक जोखिम बना दिया है।

यह वीडियो पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा हैंडल्स की ओर से फैलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य लोगों को गुमराह करना और भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव बढ़ाना है। PIB फैक्ट चेक ने इसकी जांच की और इसे पूरी तरह फर्जी करार दिया है।

गाजा में स्थायी शांति के दावे के साथ बनाया गया ‘बोर्ड ऑफ पीस’ पाकिस्तान में विवाद की वजह बन गया है। पाकिस्तान के इसपर साइन करते ही वहां की संसद में जमकर बवाल हुआ। इसे केवल ट्रंप से करीबी बढ़ाने की कोशिश बताया गया है।

उन्होंने दावा किया कि हालिया सैन्य कार्रवाई में इजरायल ने ईरान की असलियत उजागर कर दी। उन्होंने कहा कि हमने उन्हें बुरी तरह अपंग कर दिया और यह साबित कर दिया कि वे उतने ताकतवर नहीं हैं, जितना वे खुद को समझते थे और प्रचारित करते थे।

US-Iran Tension: अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन के नेतृत्व वाला एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप, गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स, और एक अटैक सबमरीन को अरब सागर या फारस की खाड़ी में तैनात किया जा रहा है।

स्पेन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू की गई 'बोर्ड ऑफ पीस' (Board of Peace) पहल में शामिल होने के निमंत्रण को आधिकारिक तौर पर अस्वीकार कर दिया है और दो टूक कहा है कि उसका भरोसा UN पर बरकरार है।

बोर्ड ऑफ पीस के तहत डोनाल्ड ट्रंप को ही अधिकार होगा कि वह किसी भी मसले पर वीटो कर सकते हैं। वह अनिश्चितकाल तक इस बोर्ड का चेयरमैन खुद को घोषित कर चुके हैं। इसके अलावा बोर्ड का एजेंडा भी वही तय करेंगे। उनके द्वारा ही तय किया जाएगा कि कौन इसमें रहेगा और नहीं।

ट्रंप ने गाजा पट्टी के पुनर्निर्माण और शांति बहाली के लिए गठित 'बोर्ड ऑफ पीस' में वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा को अहम जिम्मेदारी सौंपी है। भारतीय मूल के बंगा विकास की रणनीतियां तय करने में मुख्य भूमिका निभाएंगे।