
1981 में जब पाकिस्तान में बढ़ते अत्याचारों से तंग आकर सैकड़ों हिंदू परिवारों ने अपना वतन छोड़ा था, तब उन्हें उम्मीद थी कि भारत में उन्हें सिर्फ शरण ही नहीं, बल्कि सम्मान और स्थायित्व भी मिलेगा।

उत्तर प्रदेश में योगी मंत्रिमंडल के विस्तार और भाजपा संगठन में बदलाव की तैयारी तेज हो गई है। गुरुवार देर रात दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ अहम बैठक हुई। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने शीर्ष नेतृत्व को फीडबैक दिया।

राजस्थान पुलिस के 77वें स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के पेंशनर्स को एक बड़ा डिजिटल तोहफा दिया। इस पहल के तहत अब रिटायरमेंट से जुड़े अधिकांश काम एक विशेष मोबाइल ऐप के माध्यम से आसानी से निपटाए जा सकेंगे।

अखिलेश यादव ने लोकसभा में कहा कि आरएसएस में आखिर महिलाएं कहां हैं? कोई बता सकता है कि संघ परिवार ने महिलाओं को अपने संगठन में जगह क्यों नहीं दी। इसका जवाब उन्हें तत्काल तो नहीं मिला, लेकिन कुछ वक्ताओं के बाद महिला आरक्षण पर बोलने के लिए खड़ी हुईं बांसुरी स्वराज ने दिया।
Samrat Choudhary: सम्राट चौधरी का पूर्वी बिहार से गहरा लगाव है। भले ही वह तारापुर विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए हैं। लेकिन पिता शकुनी चौधरी के चुनाव प्रचार में उन्होंने भागलपुर, बांका और खगड़िया में जमकर प्रचार किया था। यही कारण है कि इन जिलों में सम्राट चौधरी के अच्छे समर्थक हैं।

भाजपा विधायक संजय गुप्ता अपने परिवार के साथ बंगाल से पटना लौट रहे थे, तभी उनकी कार हादसे का शिकार हो गई। एयरबैग खुलने से विधायक समेत पूरे परिवार की जान बाल-बाल बच गई। फिलहाल उनका इलाज जारी है।

Samrat Choudhary: विरोधियों पर वे आक्रामक तरीके से हमला करते हैं। एक समय उन्होंने नीतीश कुमार को गद्दी से हटाने के लिए प्रतीकात्मक तौर पर मुरेठा (पगड़ी) बांध लिया था। हालांकि जनवरी 2024 में एनडीए की सरकार बनने पर उन्होंने अयोध्या में मुंडन करा अपना मुरेठा उतार दिया था।
Samrat Choudhary Oath: सम्राट चौधरी के साथ जदयू की ओर से वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी मंत्री पद की शपथ लेंगे। दोनों नेता नई सरकार में उपमुख्यमंत्री होंगे। इन तीनों के शपथग्रहण के बाद राज्य मंत्रिमंडल में मंत्रियों के 33 पद रिक्त रहेंगे।

सम्राट चौधरी राजद, जदयू और हम में भी रहे हैं। लेकिन जबसे भाजपा में आए, उन्होंने राजद के खिलाफ आक्रामक तेवर अपनाए। सदन से सड़क तक उन्होंने राजद शासनकाल पर तीखे प्रहार किए। लालू, राबड़ी और तेजस्वी पर बेबाक प्रहार से पार्टी में उनकी अलग पहचान बनी।

बिहार के पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने इस्तीफे के बाद 'X' पर जारी संदेश में 2005 से अब तक के विकास कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कानून का राज और सभी वर्गों का विकास उनकी प्राथमिकता रही। '7 निश्चय-3' के जरिए 2030 तक का रोडमैप पेश करते हुए उन्होंने पीएम मोदी का आभार जताया और…