
वर्ष 2019 की तुलना में भोजपुर में 14.8 फीट पानी नीचे गया है। भोजपुर में अक्टूबर के बाद वर्ष 2019 में 12.1 फीट, 2024 में 17 फीट और 2025 में 26.09 फीट पर भूजल स्तर पहुंच गया है। यही स्थिति राज्य के 18 जिलों की है, जहां पिछले साल के अपेक्षा भूजल स्तर नीचे गया है।

बिहार में खराब मौसम के चलते एक बार फिर चुनाव प्रचार पर असर पड़ा है। तेजस्वी यादव की आज 16 जनसभाएं हैं। साफ मौसम होने के बाद हेलीकॉप्टर उड़ा सका। जिसके बाद रघुनाथपुर की सीट पर ओसामा शहाब के लिए वोट मांगे। वहीं 3 सीटों पर मोबाइल से संवाद किया।

खराब मौसम के बावजूद सीएम नीतीश कुमार का धुआंधार चुनाव प्रचार जारी है। शुक्रवार को सड़क मार्ग से मुख्यमंत्री ने समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी में रोड शो किया। बारिश और आंधी के चलते हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं पाया। इसके बावजूद नीतीश ने कई जिलों में प्रचार किया।

मोंथी तूफान की वजह बिहार चुनाव के प्रचार की रफ्तार थम गई है। बीते 3 दिनों से बारिश के चलते हेलीपैड खराब होने से स्टार प्रचारकों की कई चुनावी सभाएं रद्द हो गईं। शु्क्रवार को 16 में सिर्फ 2 ही हेलीकॉप्टर उड़ान भर सके। बाकी 14 हेलीपैड पर ही खड़े रह गए।

Bihar Ka Mausam: मौसम विभाग ने शुक्रवार को बिहार के 9 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का येलो एवं ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पूरे राज्य में 24 घंटे के भीतर तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।

Bihar Mausam: बिहार में अगले तीन दिनों तक मौसम खराब रहेगा। मौसम विभाग ने 30 और 31 अक्टूबर को कुछ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी है। 3 दिनों तक राज्य भर में तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।

Bihar Weather: मौसम विभाग ने 30 अक्तूबर को अररिया, किशनगंज, पूर्णिया एवं कटिहार और 31 अक्तूबर को किशनगंज, सुपौल, अररिया एवं मधेपुरा जिले के एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।

बिहार में रक्सौल के रास्ते मॉनसून की विदाई शुरू हो गई है। मॉनसून सीजन में इस बार पटना समेत कुछ जिलों में अच्छी बरसात हुई, वहीं दूसरे जिलों में सामान्य से कम पानी गिरा।

Bihar Flood: कमला, कमला बलान, बूढ़ी गंडक, बागमती व अधवारा समूह की नदियां उफान पर हैं। पश्चिम चंपारण में सिकटा का तटबंध टूटने से सिकटा गांव में चार फीट तक पानी घुस गया है। घोड़ासहन केनाल का पानी सीमा सड़क पर बह रहा है। पूर्वी चंपारण में दुधौरा नदी का बांध चार जगह टूट गया है।

बिहार के उत्तर पश्चिम एवं उत्तर पूर्वी भाग में सामान्य से अधिक बारिश के चलते कोसी, बागमती, महानंदा नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है। इससे सुपौल, सीतामढ़ी, किशनगंज, मधेपुरा आदि जिलों के खेतों में पानी भर गया है।