
अगस्त महीने में बिहार के सरकारी अस्पतालों में जांच के दौरान 4102 मरीजों में बीमारी की पुष्टि हुई है। वहीं, सितंबर के पहले चार दिन में 250 मरीजों में टाइफाइड निकला है।

नवादा के धर्मशीला देवी अस्पताल को सील कर दिया गया है। पूर्व मंत्री राजबल्लभ यादव एवं जदयू विधायक विभा देवी के बेटे की मौत के बाद लगे आरोपों के सही पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पताल का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया। उसके बाद सीलिंग की कार्रवाई की गई।

प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग में डस्टबिन खरीद की प्रक्रिया तेजस्वी यादव के मंत्री रहते शुरू हुई थी और मंगल पांडेय के कार्यकाल तक चली थी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने दोनों ही नेताओं के कार्यकाल में यह काम देखा था।

बिहार में अब 6 करोड़ लोगों का हेल्थ चेकअप घर बैठे हो सकेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है। इसी के साथ सीएम ने सभी जिलों के डीएम को आदेश दिया है कि वो इसकी मॉनिटरिंग करें।
दरभंगा के डीएमसीएच अस्पताल में एक मरीज के साथ बदसूलकी हुई। मरीज तीन दिनों तक लावारिस हालत में अस्पताल के इमरजेंसी में पड़ा रहा, उसे भर्ती नहीं किया गया। तीसरे दिन गार्ड ने उसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए ट्रॉली पर लिटाने की बजाय फर्श पर घसीटा।
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बिहार को बड़ा तोहफा दिया है। अब बिहार में मरीज महज 2 रुपये में अपना इलाज करा सकेंगे। मोदी सरकार ने बिहार को 598 पीएचसी का तोहफा दिया है। ओपीडी में दिखाने के लिए मरीजों को मात्र 2 रुपये का पर्चा (सुविधा शुल्क) कटवाना होगा।
जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार के बेटे एवं बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने बिहार में हेल्थकेयर सेक्टर को विस्तार देने पर चर्चा की।
हाईकोर्ट ने कहा कि जब तक यूसीसी कानून लागू नहीं होता, तब तक मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत हुई दूसरी शादी मान्य रहेगी। ऐसी स्थिति में मुस्लिम कर्मचारी की दूसरी बीवी भी पेंशन की हकदार होगी। सरकार इसे देने से इनकार नहीं कर सकती है।
बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने निजी नर्सिंग प्रशिक्षण संस्थानों के लिए मान्यता, अनुमति, सीट वृद्धि और अवधि विस्तार की प्रक्रिया अब ऑनलाइन कर दी है। नया पोर्टल bnrc2.bihar.gov.in शुरू किया गया है। सभी संस्थानों को 15 दिनों के भीतर डेटा अपलोड करना होगा।
मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता अस्पतालों की ओपीडी और आईपीडी में डॉक्टरों की कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से निगरानी की जाएगी। इसके अलावा, आईसीयू और इमरजेंसी में भी डाक्टरों की ड्यूटी सुनिश्चित करनी होगी। सभी सदर अस्पतालों की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।