
बाढ़ अवधि को देखते हुए बाढ़ सुरक्षा कार्य में लगे पदाधिकारियों को एक जून से 31 अक्टूबर तक किसी भी प्रकार का अवकाश क्षेत्रीय स्तर से स्वीकृत नहीं किया जाएगा।

खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड में कोसी नदी पर बने पीपा पुल गुरुवार को पानी में धंस गया। इससे आसपास के 4 जिलों का संपर्क क्षेत्र से टूट गया। बताया जा रहा है कि कोसी नदी में अचानक आए तेज बहाव और कटाव से यह हादसा हुआ।

Bihar Flood: उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने संभावित बाढ़ और सुखाड़ की तैयारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बचाव कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

बिहार सरकार इस साल मॉनसून से पहले बाढ़ सुरक्षा पर 1117 करोड़ रुपये खर्च करेगी। दरभंगा एम्स को बाढ़-बारिश के पानी में डूबने से बचाने के लिए रिंग बांध बनाया जाएगा।
तीन नए बराज बनने से सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, खगड़िया, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया जिले की बड़ी आबादी को लाभ होगा। पिछले वर्ष सितंबर में केन्द्र ने बागमती और महानंदा पर तीन बराज को हरी झंडी दी थी।
पप्पू यादव को आयकर विभाग की ओर से नोटिस भेजा गया है। सांसद का दावा है कि वैशाली जिले में बाढ़ पीड़ितों को कैश बांटे जाने की वजह से उन्हें इनकम टैक्स का नोटिस मिला है।
Bihar Flood: सीओ रात से ही मरम्मत कार्य में जुटे हैं, लेकिन रात में प्रयास विफल रहा। खेतों में पानी फैलने से धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। फसल को खतरे के बाद यहां किसान भी परेशान हैं।
जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि नदियों का इस तरह बढ़ना हमारे लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। इस समय नदियों की ऐसी प्रकृति अप्रत्याशित है। हम सतर्क हैं और सभी तटबंधों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
Bihar Flood: कनकई नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से कैरीबीरपुर पंचायत के कई गांवों के सैकड़ों घर बाढ़ से घिर गए हैं। कटिहार में नदियों के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। महानंदा नदी का जलस्तर 90 सेमी, गंगा का जलस्तर 15 सेमी, कोसी के जलस्तर में 24 सेमी की वृद्धि हुई है।
Bihar Floods: बिहार में बागमती, कोसी, कमला, बलान समेत अधवारा समूह की नदियां उफान पर हैं। मोतिहारी, सुपौल, अररिया, सीतामढ़ी, मधुबनी, मधेपुरा, सहरसा समेत कई जिलों में स्थिति विकट है।