
बिहार में तबादले की राह देख रहे लाखों सरकारी शिक्षकों का इंतजार फिर बढ़ गया है। शिक्षा विभाग ने सामान्य ट्रांसफर की प्रक्रिया एक बार फिर स्थगित कर दी है। पहले बाढ़ की वजह से ट्रांसफर अटके, तो अब चुनाव की वजह से तबादलों के लिए ऑनलाइन आवेदन टाल दिया गया है।

फर्जी उपस्थिति और समय से पहले स्कूल छोड़ने पर शिक्षक निलंबित।ने पर डीईओ ने की कार्रवाई, लापरवाही करने वाले शिक्षकों में मचा हड़कंप। चान्दन (बांका)। न

बिहार शिक्षा विभाग ने छात्रों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए इंस्पायर अवार्ड-मानक योजना के तहत नामांकन की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर 2026 बढ़ा दी है। शिक्षा निदेशक ने विद्यालयों को अधिक से अधिक पात्र छात्रों का नामांकन कराने का निर्देश दिया है। नामांकन न करने वाले प्रधानाध्यापक और विज्ञान शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी।

बिहार में शिक्षकों के सामान्य ट्रांसफर की प्रक्रिया में देरी होगी। शिक्षा विभाग ने सामान्य तबादलों के लिए रिक्तियों के प्रकाशन और शिक्षकों के आवेदन की तारीख को आगे बढ़ा दिया है। इसकी वजह बाढ़ को बताया गया है।
मधुबनी जिले के एक स्कूल में महिला का सिगरेट और पिस्टल के साथ डांस का वीडियो सामने आने के बाद हेडमास्टर को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही आयोजनकर्ताओं पर एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने टीचरों को खत लिखा है। शिक्षा मंत्री ने खत में लिखा है कि शिक्षकों ने इस पहल के लिए शिक्षा मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि वे शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते रहेंगे।
अररिया से मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश की शिक्षिका पूजा सिंह को ई-शिक्षा कोष पर फर्जी हाजिरी बनाकर निलंबित किया गया है। जांच में पाया गया कि उन्होंने बिना अनुमति के अवकाश का प्रयोग किया। शिक्षा विभाग ने मामले की पुष्टि की है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह फर्जी हाजिरी पहले से बन रही थी।
शिक्षक दिवस से पहले बिहार में टीचरों ने एक्स पर #BiharTeachersNeed7thPay चलाया है। इस डिजिटल अभियान के जरिए शिक्षक सातवां वेतनमान लागू किए जाने की मांग बुलंद कर रहे हैं।
BPSC TRE-4: बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलिश तिवारी ने टीआरई-4 को लेकर अहम जानकारी दी है। शिक्षा मंत्री ने कहा है कि 886 नए पदों की अधियाचना भेजी गई है। अब कुल 33274 शिक्षकों की नियुक्ति होगी।
बिहार में 18 महीने का डीएलएड प्रशिक्षण कर टीचर बने शिक्षकों की नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है। सरकार ने कहा है डीएलएड प्रमाणपत्र विद्यालय अध्यापक के पद पर नियुक्ति के लिए मान्य नहीं है।