
हिंदू धर्म में बेलपत्र का विशेष महत्व होता है। इसे बिल्व पत्र भी कहा जाता है। बेलपत्र को भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक शिव पूजा इसके बिना अधूरी मानी जाती है। लेकिन आज हम जानेंगे कि बेलपत्र की लकड़ी का चंदन कैसे लगाएं और इसके फायदे क्या-क्या हैं?

अररिया में महाशिव रात्रि धूमधाम से मनाई गई। भक्तों ने शिवालयों में सुबह से ही पूजा-अर्चना की और भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक किया। शाम को बाबा भोलेनाथ की बारात गाजे-बाजे के साथ निकाली गई, जिसमें भक्त विभिन्न वेशभूषा में शामिल हुए। शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ रही, जिन्होंने सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

शिव हिंदू धर्म के सबसे पूजनीय देवताओं में से एक हैं। वो त्रिमूर्ति यानी ब्रह्मा, विष्णु और शिव में से एक हैं। भगवान शिव ने अलग-अलग उद्देश्यों की पूर्ति के लिए अनेक रूप धारण किए हैं। महाशिवरात्रि के मौके पर हम आपको भगवान शिव के 10 अवतारों के बारे में बताने जा रहे हैं।

सहारनपुर का भूतेश्वर महादेव मंदिर, जिसकी ख्याति दूर तक है। महाशिवरात्रि पर इस मंदिर में सुबह चार बजे से ही भीड़ लग जाती है। शहर और जिलेभर के लोग यहां जलाभिषेक करते हैं। मान्यता है कि यहां दर्शन मात्र से ही कई तरह के रोग और कष्ट मिट जाते हैं। चलिए इस मंदिर के बारे में सबकुछ जानते हैं।
मान्यता है कि इन तीनों को एकसाथ चढ़ाने से साधक के जीवन में तमाम संकट खत्म होते हैं। धन, वैभव, ज्ञान में बढ़ोतरी होती है। साथ ही मन की शांति मिलती है। तीनों को एकसाथ चढ़ाने पर रिश्तों में सुधार होता है।
महाशिवरात्रि पर शिव जी पर मात्र एक लोटा जल चढ़ाने पर ही वह प्रसन्न हो जाते हैं। भक्तों की अधूरी इच्छाएं पूरी करते हैं। इस दिन आप सबसे पहले जल से अभिषेक करें। इससे ना सिर्फ साधक के पापों का नाश होता है, बल्कि व्यक्ति के अच्छे दिन शुरू हो जाते हैं। जीवन में उन्नति के रास्ते खुल जाते हैं।
Ujjain Shiv Navratri 2026: महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि मनाई जाती है, जो पूरे 9 दिनों तक चलता है और 10वें दिन महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। इस शिव नवरात्रि की शुरुआत आज यानी 6 फरवरी से हो गयी है।
हर एक मंदिर की अपनी अनोखी मान्यताएं हैं, जिनपर शिव भक्तों की पूरी आस्था है। आज हम आपको एक अनोखे शिव मंदिर के बारे में जानते हैं, जहां महादेव को बैंगन चढ़ाया जाता है। जी हां, आपने सही पढ़ा, बैंगन जो एक सब्जी है। चलिए जानते हैं कि कहां है यह मंदिर और इससे जुड़ी क्या मान्यताएं हैं।
तीर्थ नगरी मथुरा में कई सारे प्राचीन मंदिर हैं, जो अपनी मान्यताओं के लिए जान जाते हैं। हर एक मंदिर का इतिहास है। एक ऐसा ही मंदिर है भगवान शिव है, जिसके बारे में मान्यता है कि यहां दर्शन करने से बद्रीनाथ धाम के दर्शन जितना फल प्राप्त होता है।
आज हम आपको एक ऐसे भगवान शिव के चमत्कारिक मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां शिवलिंग दिन में 3 बार रंग बदलता है। जी हां, यह सुनकर आपको हैरानी जरूर हुई होगी। चलिए जानते हैं कि यह चमत्कारिक मंदिर कहां है और इसके पीछे के रहस्य को भी जानने की कोशिश करते हैं।