
विश्व पर्यावरण दिवस पर नगर निगम द्वारा चलाया गया स्वच्छता अभियान बारिश के कारण शहर की सफाई व्यवस्था की असली स्थिति उजागर कर दी। जलभराव, कीचड़, और कूड़े के ढेर ने लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा।

GFS यानी ग्लोबल फोरकास्ट सिस्टम मॉडल के अनुसार, दक्षिण भारत के ऊपर पूर्वी हवाओं के मजबूती से बनने से पहले पश्चिम से नमी वाली हवाएं लेकर आ रहे एक पश्चिमी विक्षोभ को हटना होगा। माना जा रहा है कि ऐसा होने तक केरल में मॉनसून की रफ्तार काफी धीमी रहने की संभावनाएं हैं।

Rain Today: आईएमडी ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, गरज-चमक के समय घरों में रहने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। किसानों को भी फसलों और पशुओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है।

दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और उससे सटे दक्षिणी केरल के ऊपर बना एक ऊपरी चक्रवाती संचरण और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर बना एक अन्य चक्रवाती संचरण इस क्षेत्र में मौसम को प्रभावित कर रहा है। इससे बारिश की गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने यह दूसरा पूर्वानुमान जून से सितंबर के चार महीनों की अवधि को ध्यान में रखकर जारी किया है। पहला पूर्वानुमान 13 अप्रैल को जारी किया था। इसमें भी मौसम विभाग ने कहा था कि साल 2026 का मानसून सामान्य से कम या कमजोर रह सकता है।
दिल्ली के कई हिस्सों में गुरुवार शाम को तेज हवाएं चलने और हल्की बारिश होने से शहर में जारी भीषण गर्मी से लोगों को काफी राहत मिली। IMD यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में गरज-चमक के साथ आंधी आई। पूरी खबर पढ़ें।
IMD का पूर्वानुमान है कि पश्चिम और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 से 31 मई तक बारिश के आसार हैं। वहीं, जम्मू और कश्मीर, बिहार में 28, 29 मई, उत्तराखंड में 28 से 30 मई, हिमाचल प्रदेश में 28 और 29 मई को बारिश हो सकती है।
IMD यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में 28 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाएगा।
दिल्ली में सोमवार को भीषण गर्मी रही, जहां अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया और राष्ट्रीय राजधानी में लगभग 14 वर्षों में मई माह की सबसे गर्म रात दर्ज की गई। आईएमडी ने मंगलवार को लू चलने की आशंका जताते हुए 'येलो अलर्ट' जारी किया है।
मई में लू तो दूर तापमान भी 40 डिग्री से काफी दूर बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों ने इसके कारणों को जानने के प्रयास शुरू किए हैं। वे इस अनुमान से मानसून के जल्दी आने की संभावना भी जताने लगे हैं। मई में अप्रत्याशित रूप से कम तापमान का प्रमुख कारण लगातार आ रहे पश्चिमी विक्षोभ हैं।