
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत यात्रा को लेकर ढाका ने कहा है कि वह किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों देश लगातार बातचीत कर रहे हैं, जैसे ही बातचीत बेहतर स्तर पर पहुंचेगी, पीएम अगले हफ्ते भारत दौरे पर जाएंगे।

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान अगले हफ्ते भारत दौरे पर आ सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस दौरे के लिए दोनों देशों में तैयारियां जारी हैं। तारिक रहमान नई दिल्ली आने से पहले बीजिंग का दौरा कर चुके हैं।

Sheikh Hasina ouster in Bangladesh: शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़ने की घटना को दो साल पूरे हो चुके हैं। इस मामले पर अब खुलासा हुआ है कि अंतरिम सरकार का प्रमुख बनाने के लिए मुहम्मद यूनुस के नाम पर आर्मी चीफ वकार सहमत नहीं थे। क्योंकि यूनुस के ऊपर दो गंभीर केस दर्ज थे।

बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने तख्तापलट को दो साल पूरे होने पर मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि वह जल्दी ही बांग्लादेश वापस लौटेंगीं। बांग्लादेश के लिए अपने परिवार के बलिदान को याद कर वह प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ही भावुक हो गईं।
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए मलेशिया जा रहे हैं। इसके बाद वह चार दिवसीय यात्रा के लिए चीन जाएंगे, जहां पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग के साथ मुलाकात होगी।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार और भगवान राम के अपमान के बाद ढाका में बड़ा प्रदर्शन होने जा रहा है। सरकार पर भड़के हिंदू छात्रों ने आंदोलन शुरू कर दिया है और सरकार को चुनौती दे डाली है।
Bangladesh News Today: बांग्लादेश की जमात-ए-इस्लामी और उसके सहयोगी इस्लामी दलों ने शुक्रवार को भारत-बांग्लादेश सीमा पर विरोध मार्च निकालने की घोषणा की है। यह प्रदर्शन कथित भारतीय घुसपैठ और सीमा पर बांग्लादेशी नागरिकों की हत्याओं के विरोध में आयोजित किया जाएगा।
भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल संधि अपने अंतिम चरण में है। ऐसे में बांग्लादेश की बेचैनी बढ़ी हुई है। वहां की बीएनपी सरकार का कहना है कि भारत और बांग्लादेश के रिश्ते कैसे होंगे, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि गंगा जल संधि कैसे होती है।
अमेरिकी सांसद ग्रेग लैंड्सैन ने प्रतिनिधि सभा में मांग की है कि 25 मार्च 1971 को बंगाली हिंदुओं पर किए गए पाकिस्तानी सेना के अत्याचार को युद्ध अपराध और नरसंहार का दर्जा दिया जाए। पाक सेना के इस ऑपरेशन में लाखों हिंदू मारे गए थे।
बांग्लादेश में तारिक रहमान के सत्ता में आने के बाद से यूनुस की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। हालांकि, राष्ट्रपति के हमले बाद यूनुस को जमात-ए-इस्लामी का समर्थन मिला है। जमात प्रमुख ने राष्ट्रपति पर पलटवार करते हुए पूछा कि आखिर उन्होंने 5 अगस्त को लेकर हुए घटनाक्रम की कई बातें क्यों छिपाईं।