
बांदा में एक विशेष न्यायाधीश ने नाबालिग के साथ छेड़छाड़ के मामले में आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। पीड़िता की मां ने 29 सितंबर 2022 को शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें कहा गया था कि पड़ोसी ने घर में घुसकर नाबालिग के साथ अश्लील हरकतें कीं। अभियोजन अपने आरोपों को साबित करने में असफल रहा।

बांदा में एक युवक ने अपनी मां से फोन पर रोने के बाद उप स्वास्थ्य केंद्र में दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पत्नी रीता ने बताया कि शादी के आठ साल हो चुके थे और उनका कोई संतान नहीं था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

बांदा के प्रधानों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा, जिसमें कार्यकाल समाप्त होने पर प्रशासक नियुक्त करने की मांग की गई। प्रधानों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो 18 मई को धरना देंगे। उन्होंने चुनाव समय पर कराने की अपील की और कहा कि विकास कार्यों में बाधा न आए।

बबेरू में एक युवक ने पत्नी से नशे में हुए विवाद के बाद पंखा की हुक पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक, 40 वर्षीय राजावर्मा, किसानी और मजदूरी करता था। उसकी बेटी ने शव को लटकते देखा और शोर मचाया, जिसके बाद लोग इकट्ठा हुए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बांदा में जानलेवा हमले के मामले में दो दोषियों को 10-10 साल की सजा सुनाई गई। अदालत ने दोनों पर 5000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। मामले में विनोद उर्फ विजवान ने 4 सितंबर 2020 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जब दो लोगों ने उसे गोली मारी थी।
अतर्रा थाना क्षेत्र के एक गांव में जीजा ने अपनी 17 वर्षीय बहन को बहलाकर भगा लिया। आरोपी ने 10 मई को रात में मौका पाकर किशोरी को अपने साथ ले गया। परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बांदा जिले में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो युवकों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। संतोष ने अपने कमरे में फांसी लगाई, जबकि अमरजीत ने रात में ऐसा किया। दोनों मामलों में पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों में शोक की लहर है।
पैलानी के मदनपुर गांव में अतिक्रमण की गई दीवार और शौचालय को जेसीबी द्वारा ध्वस्त किया गया। गांव के इशरत अली और जमालुद्दीन ने रास्ते पर अतिक्रमण किया था। एसडीएम कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की गई। इस दौरान नायब तहसीलदार मुस्तकीम और लेखपाल भी मौके पर मौजूद थे।
बांदा में साइबर क्राइम पुलिस ने धोखाधड़ी का शिकार हुए दो पीड़ितों के खातों से कुल 01 लाख 44 हजार 711 रुपये वापस कराए। दिनेश मोहन सिंह और राजकुमार पटेल ने साइबर ठगी की शिकायत की थी। पुलिस टीम ने सभी पीड़ितों की सम्पूर्ण राशि बरामद कराई, जिसके लिए पीड़ितों ने टीम का धन्यवाद किया।
बांदा में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी अमित आसेरी ने सड़क दुर्घटनाओं में कमीं लाने और 'जीरो फेटालिटी' की प्राप्ति के लिए दिशा-निर्देश दिए। सभी संबंधित विभागों को संयुक्त निरीक्षण करने, अनावश्यक वाहनों को हटाने और स्कूल वाहनों की फिटनेस जांच कराने के निर्देश दिए गए।