
सपा के कद्दावर नेता आजम खान द्वारा फिरोजाबाद में सन 2007 में चुनावी सभा के दौरान दिए उत्तेजक और सांप्रदायिक भाषण के मामले में शनिवार को सुनवाई होनी है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आजम एमपी एमएलए कोर्ट से जुड़ेंगे।

जेल में बंद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मो. आजम खां को गुरुवार को भड़काऊ भाषण देने के मामले में बड़ी राहत मिल गई। एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में आजम खां को बरी कर दिया है।

समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां की जेल के अंदर तबीयत खराब हो गई है। उनकी जांच के लिए जिला अस्पताल से दो डॉक्टरों को भेजा गया लेकिन उन्होंने जांच से इनकार कर दिया है। ऐसे में दोनों डॉक्टर वापस लौट गए हैं।

आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पासपोर्ट मामले में भी दोषी मानते हुए रामपुर की एमपी/एमएलए विशेष कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई है। भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने 2019 में अब्दुल्ला के ऊपर दो पासपोर्ट का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था।

समाजवादी पार्टी के महासचिव आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम पैन कार्ड फर्जीवाड़े को लेकर सुनाई गई सजा के बाद रामपुर की जेल में बंद हैं। उनके जेल शिफ्टिंग पर भी इस बार अदालत ने अपनी इजाजत की शर्त लगाई है। इस बीच रामपुर की जेल को लेकर योगी सरकार नई योजनाा लेकर आई है।

धोखाधड़ी के केस में रामपुर की जेल में बंद आजम खां को शुक्रवार को सांस लेने में दिक्कत हुई। जिस पर उन्होंने जेल प्रशासन से नेबुलाइजर की मांग की। चिकित्सक की राय पर जेल प्रशासन ने नेबुलाइजर मांगवाकर दिया।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति समीर जैन ने 2016 के यतीमखाना बेदखली प्रकरण में सपा नेता मोहम्मद आजम खान की याचिका पर सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया। उन्होंने केस को अपने न्यायालय से रिलीज कर दिया है।

समाजवादी पार्टी के महासचिव आजम खां को अब अचानक जेल से शिफ्ट नहीं किया जा सकेगा। आजम खां की जेल शिफ्टिंग से पहले अदालत की अनुमति जरूरी होगी। पिछली बार हुई घटना से सबक लेते हुए आजम ने इस बार अर्जी लगाई थी। इस पर अदालत ने बुधवार को यह आदेश दिया।

समाजवादी पार्टी के महासचिव आजम खां को रामपुर की जेल से कहीं और शिफ्ट किया जा सकता है। माना जा रहा है कि इस बार भी उन्हें रामपुर से सीतापुर जेल शिफ्ट किया जा सकता है। इस बार यह शिफ्टिंग कोर्ट के आदेश के बाद होगी।

यूपी में सपा नेता अब्दुल्ला आजम के दो पैनकार्ड मामले में कोर्ट ने सोमवार की दोपहर बाद अपना फैसला सुनाया। रामपुर में एमपी-एमलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आजम खान और अब्दुल्ला दोनों को दोषी करार देते हुए सात साल कैद की सजा सुनाई है। दोनाें पर जुर्माना भी लगाया है।