
भिखराटोली में बुधवार को आयुष स्वास्थ्य कैंप का आयोजन हुआ, जिसमें होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली का उपयोग करके 109 मरीजों का उपचार किया गया। शिविर में निःशुल्क दवाइयाँ वितरित की गईं। आयुष चिकित्सक डॉ. मनोज और जावेद आलम ने नेतृत्व किया, जबकि योग प्रशिक्षक और अन्य सहायक भी उपस्थित रहे।

विश्व स्वास्थ्य संगठन और आयुष मंत्रालय 17-19 दिसंबर को दिल्ली में दूसरे वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा सम्मेलन का आयोजन करेंगे। इसमें दुनिया भर के मंत्री, नीति निर्माता और विशेषज्ञ भाग लेंगे। आयुष मंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन पारंपरिक चिकित्सा को मुख्यधारा में लाने के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी ने शनिवार को आयुष विभाग की समीक्षा बैठक की। उन्होंने अस्पतालों को समय से खोलने और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दिए। आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथिक के अस्पतालों में दवाओं की कमी पर चर्चा की गई, और सीडीओ ने निदेशालय को पत्र भेजने का आश्वासन दिया।

सोड़ा में शुक्रवार को ऑस्टियोआर्थराइटिस एवं मस्कुलोस्केलेटल विकारों के निदान हेतु आयुष स्वास्थ्य कैंप का आयोजन किया गया। शिविर में 120 मरीजों की स्वास्थ्य जांच की गई और निःशुल्क दवा का वितरण किया गया। आयुष चिकित्सक डॉ. मनोज जावेद आलम की देखरेख में घुटना दर्द, कमर दर्द, गठिया और अन्य बीमारियों का उपचार किया गया।

विश्व स्वास्थ्य संगठन का दूसरा आयुष वैश्विक सम्मेलन 17 से 19 दिसंबर तक नई दिल्ली में होगा। यह सम्मेलन भारत और विश्व की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को नया मंच देगा। इसका उद्देश्य आधुनिक और पारंपरिक चिकित्सा का समावेश करके स्वस्थ विश्व का निर्माण करना है।

संतकबीरनगर में मंझरिया गंगा गांव में एकीकृत आयुष चिकित्सालय है, जहां पांच चिकित्सा पद्धतियों से इलाज होता है। यह अस्पताल असाध्य रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए राहत का केंद्र बन रहा है। यहां योग, पंचकर्म, और पारंपरिक उपचारों का उपयोग किया जाता है, जिससे मरीजों को बिना दुष्प्रभाव बेहतर परिणाम मिल रहे हैं।

पाकुड़ में आयुष विभाग द्वारा स्कूली बच्चों को स्वास्थ्य और योग के प्रति जागरूक करने के लिए योग मित्र चयन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान 15 छात्रों को 'योग मित्र' के रूप में चुना गया और उन्हें टी-शर्ट, कैप, बैच, पहचान पत्र और योगा बुक प्रदान की गई। अब तक 320 छात्र योग मित्र के रूप में प्रशिक्षित हो चुके हैं।

जिला आयुष समिति ने घाटशिला के काराडूबा, कशीदा और कालीमाटी गांवों में आयुष ग्राम कैंप का आयोजन किया। इस दौरान औषधीय पौधों की जानकारी दी गई और निःशुल्क आयुर्वेदिक तथा होम्योपैथी दवाइयाँ वितरित की गई। योग प्रशिक्षक ने भी योग की जानकारी दी। कुल 374 ग्रामीणों ने इस कैंप का लाभ उठाया।

यूपी सरकार ने 2047 तक आयुष डॉक्टरों की भूमिका को स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बनाने की योजना बनाई है। बैठक में तय किया गया कि नए आयुष डॉक्टरों की ग्रामीण क्षेत्रों में अनिवार्य नियुक्ति की जाएगी, जिससे इलाज और वेलनेस सेवाएं पहुंचाई जा सकेंगी। आयुष चिकित्सा प्रोटोकॉल के मानकीकरण से उपचार की गुणवत्ता में सुधार होगा।

जोराम में गुरुवार को आयुष चिकित्सा कैम्प का आयोजन किया गया। डॉ फातिमा एहसान ने मरीजों का सुगर, बीपी आदि की जांच की। कई रोगों का मुफ्त इलाज किया गया और ग्रामीणों को स्वास्थ्य जानकारी दी गई। कार्यक्रम में 150 औषधीय पौधों का वितरण भी किया गया।