
Mau News: घोसी, हिन्दुस्तान संवाद। स्तान संवाद। कोतवाली अंतर्गत बोझी क्षेत्र के जमुआरी गाँव में पोखरी में पाली गई मछली को फंदा डालकर मारते समय मछली पालने वाले

अतीक अहमद के बड़े बेटे उमर का पोस्टर बन गया है। यह पोस्टर गाड़ी पर चिपका घूम रहा है। कुछ और जगहों पर भी पोस्टर दिखा है। अबान के जनाजे में शामिल होने के दौरान ली गई तस्वीर से यह पोस्टर बना है। प्रयागराज में उमर को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। सवाल उठ रहे हैं क्या वह चुनाव में उतर सकता है।

अपहरण और 1.20 करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेल में बंद अतीक के बेटे मोहम्मद उमर को झटका दिया है। हाईकोर्ट ने उमर की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।

अतीक अहमद के भाई अशरफ की गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क जमीन पर कब्जे और अवैध प्लाटिंग हो गई है। आरोप है कि कुर्क जमीन पर कब्जा कर प्लॉट काटकर बेचे जा रहे थे। मामले की तहरीर पर पर पुलिस ने तीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान की मौत के बाद विधायक पल्लवी पटेल ने हटवा गांव पहुंचकर अहजम से मुलाकात की। अतीक-अशरफ के परिवार से पल्लवी पटेल की इस मुलाकात की यूपी के सियासी गलियारों में काफी चर्चा है। मुलाकात की तस्वीरें पल्लवी पटेल ने खुद ‘एक्स’ पर साझा की हैं।
अतीक अहमद के बड़े बेटे उमर के काफिले में शामिल वाहनों पर पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। टोल प्लाजा के बैरियर तोड़ने और कर्मियों को कुचलने की कोशिश के मामले में पुलिस चार गाड़ियां जब्त कर चुकी है। एफआईआर में दर्ज 28 वाहनों के नंबरों से मालिकों की जानकारी जुटाई जा रही है।
माफिया अतीक अहमद गैंग पर प्रयागराज प्रशासन बड़ी चोट की तैयारी कर रहा है। 156 करोड़ की बेनामी संपत्ति कुर्क करने की तैयारी हो रही है। सदर तहसील में जमीनों पर कब्जे पर प्रशासन से सत्यापन रिपोर्ट मांगी है। प्रयागराज के साथ लखनऊ में भी बड़े भूभाग पर कब्जा हुआ है।
माफिया अतीक अहमद की मौत के तीन साल बाद भी उसका गिरोह सक्रिय है। धूमनगंज के ठेकेदार अंकित कक्कड़ ने बताया कि 29 जुलाई को असलहे के बल पर पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई। शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। आरोपी पहले से ही अतीक गैंग से जुड़े हैं।
अतीक अहमद के बेटे अबान की कार दुर्घटना में मौत के बाद पीछे चल रही गाड़ी के कैमरे का कथित वीडियो सामने आया है। क्रैश से पहले लेफ्ट भाग रही कार को समय रहते संभालने की कोई कोशिश निर्णायक 6 सेकंड में नहीं दिखती।
आरोप है कि राजीव नागर के नाम मौजा शाह उर्फ पीपलगांव और दामूपुर में अनुसूचित जाति के लोगों की बेनामी संपत्तियां लिखवाई गईं। इन संपत्तियों की खरीद-बिक्री किए जाने और उससे प्राप्त धनराशि अतीक के गुर्गों के जरिए से माफिया के परिवार तक पहुंचाए जाने की बात सामने आई है।