शुक्रवार को असम राइफल्स एक्स सर्विसमैन वेलफेयर एसोसिएशन ने रुद्रपुर कलेक्ट्रेट में विरोध रैली निकाली। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन

असम राइफल्स के पूर्व सैनिकों ने समान काम के लिए समान वेतन और सुविधाओं की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया। शुक्रवार को बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एकत्र हुए और डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। वेतन न मिलने से आक्रोशित हैं और राहत की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
असम राइफल्स एक्स-सर्विसमैन वेलफेयर एसोसिएशन ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। पूर्व सैनिकों ने कहा कि डीजी असम राइफल्स के खिलाफ जानबूझकर गतिविधियां की जा रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय को शिकायत भेजी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। संगठन ने मौलिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया है।

अल्मोड़ा में असम राइफल्स के पूर्व सैनिक और उनके आश्रित 16 जनवरी को विकास भवन तक एक शांतिपूर्ण रैली निकालेंगे। यह रैली सुबह 11 से दोपहर 12 बजे के बीच होगी, जिसमें लगभग 200 पूर्व सैनिक और वीरांगनाएं शामिल होंगे। रैली के बाद, डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा।

चौखुटिया में असम राइफल्स के पूर्व सैनिकों की बैठक चौखुटिया में असम राइफल्स के पूर्व सैनिकों की बैठक चौखुटिया में असम राइफल्स के पूर्व सैनिकों की बैठक

लोहाघाट में 16 जनवरी को असम राइफल संगठन की बैठक होगी। संगठन के अध्यक्ष गंगा दत्त चौबे ने पूर्व सैनिकों और वीर नारियों से बैठक में शामिल होने की अपील की है। अरेवा संगठन ने हाई कोर्ट से केस जीत लिया है, जिसमें सरकार को सेना समान वेतन और पेंशन देने का निर्देश दिया गया है।

सेलाकुई थाना क्षेत्र में तीन लोगों ने असम राइफल्स के एक सैनिक से 11 लाख रुपये हड़प लिए। सैनिक को दिखाए गए फर्जी दस्तावेज के आधार पर जमीन खरीदने के लिए यह राशि दी गई थी। जब सैनिक ने भूमि का कब्जा मांगा, तो उसे धोखाधड़ी का पता चला। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सुडिंग गांव के निवासी 50 वर्षीय तारा सिंह दानू, जो मिजोरम में 14 आसाम रायफल में हवलदार थे, को ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक आया जिससे उनकी मृत्यु हो गई। उनके पार्थिव शरीर को सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि के लिए लाया गया। गांव में शोक की लहर है, और उनकी पत्नी और बेटी का सहारा बनकर रह गई हैं।

ईटानगर में सेना और असम राइफल्स ने चांगलांग जिले में हेलीकॉप्टर से सैनिकों के उतरने का अभ्यास किया। इस अभ्यास का उद्देश्य दुर्गम क्षेत्रों में त्वरित तैनाती क्षमता को परखना और अभियानगत तैयारियों को मजबूत करना था। लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि अभ्यास में गति, समन्वय और सटीकता पर जोर दिया गया।

-सुरक्षा बलों ने एक लाख 60 हजार याबा गोलियां बरामद की -इसे थाई भाषा