
2016 में निगम बनने के बाद से यहां भाजपा का मेयर रहा है। केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल और प्रभारी मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के सामने भाजपा का गढ़ बचाने की चुनौती होगी। कांग्रेस को दिवंगत नेता रामेश्वर डूडी की कमी खलेगी, हालांकि उनकी पत्नी विधायक सुशीला डूडी पार्टी के लिए सक्रिय रहेंगी।

गुरुशरण छाबड़ा राजस्थान की राजनीति और सामाजिक आंदोलनों का एक चर्चित नाम रहे हैं। वर्ष 1977 में वे जनता पार्टी के टिकट पर बीकानेर जिले की सूरतगढ़ विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित हुए थे।

गहलोत ने केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने सब्सिडी के करीब 90 लाख रुपए लिए थे और संसद में मामला उठने के बाद राशि वापस जमा करानी पड़ी।

कोटा में एक रैली के बाद मीडिया से बातचीत में शांति धारीवाल ने कहा कि दिल्ली का आलाकमान अलग है और वही सबसे बड़ा है, लेकिन राजस्थान कांग्रेस का नेतृत्व अशोक गहलोत ही करते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी कांग्रेस कार्यकर्ता जब जयपुर आता है तो उसका पहला पड़ाव अशोक गहलोत का आवास होता है।
अशोक गहलोत ने एक बड़ा बयान दिया है। कहा कि विपक्ष का काम झूठे परसेप्शन पैदा करना होता है। सरकार चाहे कांग्रेस की हो या भाजपा की, शिक्षा विभाग में करप्शन होता ही है।
अब राजस्थान कांग्रेस में गुटबाजी की खबरें सामने आ रहीं हैं। हालांकि, नेता एकजुट होने का ही दावा कर रहे हैं। हाल ही में भारत आदिवासी पार्टी के नेताओं को शामिल किए जाने को लेकर बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है।
गहलोत ने सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार बताए उसने इस दिशा में नया क्या किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि OMR शीट घोटाले में पकड़े गए आरोपियों को जमानत मिल गई, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई।
देशभर में NEET समेत विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक और गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर छात्रों ने लगातार प्रदर्शन किए। कई राज्यों में धरने, रैलियां और विरोध मार्च निकाले गए।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी कार्यकर्ताओं के साथ आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान पुलिस द्वारा रोके जाने पर उनकी पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की हो गई।
जयपुर के अंबेडकर सर्किल पर कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में एकत्रित हुए। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और छात्रों व युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।