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बिहार के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों का डिजिटल शैक्षणिक खाता यानी 'अपार' (APAAR - ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) कार्ड बनाने की प्रक्रिया एक बड़ी तकनीकी समस्या के कारण सुस्त पड़ गई है।

APAAR ID Card: केंद्र सरकार की 'वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी' योजना के तहत बिहार के सरकारी स्कूलों में अपार (APAR) कार्ड बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। सरकारी स्कूलों में अभी भी 29,98,278 (लगभग 30 लाख) बच्चे ऐसे हैं जिनका आधार कार्ड नहीं बना है।

2026 की परीक्षाओं के लिए JEE Main एप्लीकेशन फॉर्म में उम्मीदवारों के लिए अपनी APAAR ID डालना ऑप्शनल है। साथ ही नोटिस में बताया गया है कि यह अनिवार्य नहीं है। APAAR ID एक यूनिक 12-डिजिट का नंबर है जो हर स्टूडेंट को दिया जाता है और यह उनके पूरे एकेडमिक रिकॉर्ड को ट्रैक करने में मदद करता है।

सीबीएसई जिन छात्रों के पास अपार आईडी कार्ड नहीं होगा, उन्हें परीक्षा की लिस्ट में ही शामिल नहीं किया जाएगा, यानी अपार आईडी अनिवार्य है। लेकिन ये अपार आईडी कार्ड क्या है और यह कार्ड कैसे बनती है? चलिए इस बारे में जानते हैं।
अब अपार आईडी कार्ड धारक बच्चों को हवाई किराए में भी छूट मिलेगी। अब तक आपार कार्ड के माध्यम से छात्र-छात्राओं को रेलवे, बस, पुस्तकालयों, और सरकारी योजनाओं में कई सुविधाएं दी जा रही हैं
सीबीएसई 10वीं 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए अपार अनिवार्यता में आंशिक छूट दी गई है। बोर्ड के निर्णय से लाखों विद्यार्थियों को राहत मिलेगी। वे परीक्षा से वंचित नहीं होंगे। बोर्ड से संबद्ध विद्यालय और एसोसिएशन छूट की लगातार मांग कर रहे थे।
CBSE 10th 12th Exams 2026 : सीबीएसई ने 2026 की 10वीं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं से पहले बोर्ड परीक्षार्थियों की सूची यानी लिस्ट ऑफ कैंडिडेट (एलओसी) को लेकर गाइडलाइंस जारी की है। इसके मुताबिक बोर्ड परीक्षा में वे छात्र ही शामिल हो सकेंगे, जिनके पास APAAR आईडी होगी।
बीते दिनों सरकार की ओर से APAAR ID कार्ड से जुड़ी नई व्यवस्था शुरू की गई है। इस कार्ड के साथ स्टूडेंट्स के सभी एकेडमिक डॉक्यूमेंट्स को एकसाथ सेव किया जा सकेगा।
आधार कार्ड अपडेट कराने के लिए जन्म प्रमाण पत्र जरूरी है। ऐसे आधार सेवा केन्द्रों पर जब माता-पिता सेवा केन्द्रों पर जा रहे हैं, तो उन्हें बताया जा रहा है कि जन्म प्रमाण पत्र फर्जी है। ऐसा सुनते ही मां-बाप हैरान रह जा रहे हैं। नए सिरे से उनकी भागदौड़ शुरू हो जा रही है।
शिक्षा मंत्रालय (भारत सरकार) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से राज्य में अपार निर्माण का जायजा लिया। स्कूलों में अपार निर्माण में सुस्ती को देखते हुए मंत्रालय ने अगले 20 दिनों तक हर जिले को अपार निर्माण के लिया लक्ष्य दिया है।