
सुप्रीम कोर्ट ने अनिल धीरूभाई अंबानी समूह और उनकी कंपनियों से जुड़े बैंकिंग धोखाधड़ी मामले में गहन जांच की आवश्यकता बताई। याचिका में 40,000 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण धोखाधड़ी का आरोप है। सीबीआई ने 27,337 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान बताया। अदालत ने मामले को जुलाई में आगे विचार के लिए सूचीबद्ध किया।

अनिल अंबानी पर बैंक फ्रॉड के आरोपों को लेकर याचिकाकर्ता की तरफ से प्रशांत भूषण ने पूछा कि कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा रहा है तो अनिल अंबानी को क्यों नहीं किया गया। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि इसका जवाब नहीं दिया जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (एडीएजी) के बैंकिंग धोखाधड़ी के मामले की सुनवाई आठ मई तक टाल दी। सीबीआई और ईडी ने कहा कि वे गिरफ्तारी के कारणों का जवाब नहीं दे सकते। याचिकाकर्ता ने मुख्य आरोपी अनिल अंबानी की गिरफ्तारी की मांग की। अदालत ने जांच की पारदर्शिता पर जोर दिया।

अनिल अंबानी के मालिकाना हक वाली कंपनी रिलायंस पावर के शेयर सोमवार को 30 रुपये के पार जा पहुंचे हैं। कंपनी के शेयर अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर से 48 पर्सेंट उछल गए हैं। कंपनी के शेयर 30 मार्च 2026 को 20.23 रुपये पर थे।
अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस पावर को हाल में कर्ज-मुक्त का दर्जा मिलने से निचले स्तर पर वैल्यू बाइंग बढ़ी है। रिलायंस पावर के शेयर इस साल 30 मार्च से लेकर अब तक 45% से अधिक चढ़ गए हैं।
सीबीआई ने अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस के दो वरिष्ठ अधिकारियों को बैंक धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि कंपनी ने भारतीय स्टेट बैंक को 2,929.05 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया। जांच में पता चला कि आर-कॉम के अधिकारियों ने शेल संस्थाओं के जरिए लेनदेन किए।
आरोप है कि कंपनी ने हजारों करोड़ रुपये का हेरफेर किया है। यह रकम उसने बिजनेस के संचालन के लिए ली थी, लेकिन शेल कंपनियों में इस बड़ी रकम को ट्रांसफर कर दिया गया। बता दें कि सीबीआई ने इन मामलों में अनिल अंबानी से भी निजी तौर पर पूछताछ की है।
उच्चतम न्यायालय ने अनिल अंबानी की बंबई उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। बंबई उच्च न्यायालय ने उनके और रिलायंस कम्युनिकेशंस के खातों को 'फर्जी' घोषित करने की कार्यवाही जारी रखने की अनुमति दी थी। अंबानी को हाई कोर्ट में अपनी याचिका जारी रखने की अनुमति दी गई है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप के दो पूर्व अधिकारियों अमिताभ झुनझुनवाला और अमित बापना को बैंक लोन धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया है। उन्हें अदालत में पेश किया गया और हिरासत में पूछताछ की जाएगी। यह मामला रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कॉमर्शियल फाइनेंस से जुड़ा है।
प्रवर्तन निदेशालय ने ये कार्रवाई रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) लोन धोखाधड़ी मामले में की है।