
हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को आंवला नवमी या अक्षय नवमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन आंवले के वृक्ष, माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है। शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य कभी नष्ट नहीं होता, इसलिए इसे ‘अक्षय नवमी’ कहा जाता है।

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अक्षय नवमी या आंवला नवमी कहा जाता है। अक्षय नवमी का दिन भगवान विष्णु की भक्ति और आंवले के पूजन का दिन है। हिंदू धर्म में इस दिन को बेहद ही शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।

Amla Navami: कार्तिक मास में तुलसी और आंवले का पूजन का बहुत अधिक महत्व बताया गया है। आप कार्तिक शुक्ल की नवमी और शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को आंवले का पूजन कर सकते हैं। इन दोनों तिथि पर आंवला का पूजन फलदायी है।

Akshay Navami ke din kya kare: अक्षय नवमी के दिन कुछ कार्यों को करना अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि इन कामों को करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। जानें अक्षय नवमी के उपाय।

Akshay navami parikrama: अक्षय नवमी का पर्व कार्तिक शुक्ल नवमी के दिन मनाया जाता है। माना जाता है कि इस दिन से ही सतयुग का आरंभ हुआ था। अक्षय नवमी के के दिन मथुरा व वृंदावन की परिक्रमा का खास महत्व है। लेकिन इस बार एक दिन पहले से ही परिक्रमा भक्तों ने प्रारंभ कर दी है, जानें कारण।

Akshaya Navami 2025 Muhurat: माना जाता है कि अक्षय नवमी पर मां लक्ष्मी ने पृथ्वी लोक में भगवान विष्णु एवं शिवजी की पूजा आंवले के रूप में की थी और इसी पेड़ के नीचे बैठकर भोजन ग्रहण किया था।

Kab Hai Amla Navami 2025 Date: कार्तिक के महीने में शुक्ल पक्ष के दौरान आंवला नवमी का पर्व मनाया जाता है। अक्षय नवमी का दिन भी अक्षय तृतीया के सामान ही अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। आइए जानते हैं कब है आंवला नवमी-