इस मुद्दे पर अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों के बीच मतभेद भी सामने आए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यूरोपीय देशों से नाराज बताए जा रहे हैं, क्योंकि उन्होंने स्ट्रेट खोलने में सक्रिय सैन्य मदद देने से इनकार कर दिया था।

हमले में शामिल 2 हमलावरों की उम्र 17 और 19 साल थी। जानकारी के मुताबिक वे अपने घर से कई घातक हथियार चुराकर निकले थे। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों ने खुद को गोली मार ली।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिकी सेना बड़े पैमाने पर हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि ईरान को परमाणु कार्यक्रम छोड़ना होगा।

फरवरी के अंत में शुरू हुए ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच संघर्ष के शुरुआती हमलों में ईरान के कई शीर्ष सैन्य और राजनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इन्हीं हमलों में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई।
अमेरिकी न्याय विभाग ने अदाणी और उनके भतीजे पर लगे आपराधिक आरोपों को समाप्त कर दिया है। इस तरह यह पूरा मामला औपचारिक रूप से बंद हो गया है। अभियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपों को जारी रखने का आधार नहीं मिला।
सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें दोनों फाइटर जेट्स जमीन पर गिरते ही आग के गोले में तब्दील होते दिख रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बावजूद ईरान ने अमेरिका पर दो बार हमला करने का आरोप लगाया है, खासकर परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी पुरानी वार्ताओं के दौरान। अराघची ने वाशिंगटन के विरोधाभासी संकेतों को बातचीत में बाधा बताया।
ईरान-अमेरिका के बीच तनाव के चलते महंगाई बढ़ गई है। तेल कंपनियों ने डीजल और पेट्रोल के दाम में वृद्धि की है, जिसके कारण प्राइवेट बसों के किराए में भी बढ़ोतरी की संभावना है। इसके अलावा, बसों की फिटनेस फीस भी बढ़कर 14 हजार रुपये हो गई है, जिससे बस संचालकों को और मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनके चीनी समकक्ष शी जिनपिंग का आकलन सही है कि अमेरिका पतन की ओर है। ट्रंप ने यह टिप्पणी जो बाइडन के कार्यकाल के संदर्भ में की, जिसमें उन्होंने अमेरिका को हुए नुकसान का जिक्र किया। उन्होंने अपने प्रशासन की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया।
ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका को चीन की मदद नहीं चाहिए। यह बात अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन में हाई लेवल मीटिंग में पहुंचे डोनाल्ड ट्रंप ने इस बाबत कोई बात नहीं की है।