
प्रतापगढ़ में जूनियर बार एसोसिएशन की बैठक में अधिवक्ताओं ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से दूरी को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने 13 साल पुराने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। बैठक में अधिकारियों ने जनपद को इलाहाबाद हाईकोर्ट से फिर से संबद्ध करने की मांग की।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 2026 के वार्षिक कैलेंडर के तहत प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय प्रफुल्ल कमल द्वारा 05 स्थानीय और 02 अन्य अवकाश घोषित किए हैं। इनमें बसंत पंचमी, बैजला होली, जमात अल विदा, रक्षाबन्धन और भाई दूज शामिल हैं। कौशाम्बी परिवार न्यायालय इन तिथियों पर बंद रहेगा।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा है कि शादी का झूठा वादा कर शारीरिक संबंध बनाना अपराध है लेकिन सहमति से शारीरिक संबंध बनाने के बाद शादी से इनकार करना रेप का अपराध नहीं माना जा सकता।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि यदि साक्ष्यों से हत्या का आरोप साबित होता है, तो ट्रायल कोर्ट आरोप तय कर सकता है। कोर्ट ने अपहृत व्यक्ति की हत्या के संकेत मिलने पर आरोप तय करने की वैधता पर चर्चा की। याची की पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी गई।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एकल न्यायपीठ के समक्ष पोषणीय याचिका पर खंडपीठ में सुनवाई से मना कर दिया। न्यायालय ने कहा कि आरोप पत्र दाखिल होने के बाद प्राथमिकी रद्द करने की मांग की याचिका खारिज की गई है। मामला गाज़ियाबाद के संजय शाही से संबंधित है, जिन्होंने अपने व्यवसायिक साझेदार द्वारा दर्ज मुकदमे का सामना किया।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि संयुक्त हिंदू परिवार की साझा आमदनी से खरीदी गई संपत्ति बेनामी संपत्ति नहीं है। गोरखपुर में दो भाइयों के बीच संपत्ति विवाद में ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि मामले में साक्ष्यों के आधार पर जांच आवश्यक है और एक वर्ष के भीतर मामले का निस्तारण करने का निर्देश दिया।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने झूठे मुकदमों और पुलिस तंत्र के दुरुपयोग पर सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिया है कि यदि एफआईआर झूठी सूचना पर दर्ज की गई तो विवेचना अधिकारी को सूचना देने वाले के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करानी होगी। कोर्ट ने आदेश दिया कि 60 दिनों के भीतर निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चाइनीज मांझा के निर्माण और बिक्री पर सख्त प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि यह मानव और पक्षियों के लिए घातक है। जौनपुर में चाइनीज मांझा से हुई घटनाओं के बाद यह जनहित याचिका दाखिल की गई थी। कोर्ट ने राज्य सरकार को पूर्व के आदेशों का पालन करने के लिए बाध्य किया।

दोनों भाइयों ने संयुक्त परिवार के रूप में लकड़ी और गन्ने का व्यवसाय शुरू किया था। अर्जित आय से गोरखपुर में कई जमीनें और मकान खरीदे गए। कुछ संपत्तियां भाई के नाम, कुछ मां के नाम और कुछ बेटों के नाम दर्ज कराई गईं, लेकिन सभी की खरीद साझा पूंजी से की गई थी।

संसदीय समिति के समक्ष अपनी बात को रखते हुए जस्टिस वर्मा ने आगे कहा कि शुरू में, घटना के समय कोई रिकवरी नहीं हुई थी, और मौके पर कैश मिलने के दावे बाद में सामने आए।