
यूजीसी के नए नियमों और एससी-एसटी एक्ट के विरोध में पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने अब आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देकर चर्चा में आए पीसीएस अधिकारी अब 'सनातन स्वाभिमान यात्रा' के जरिए अपनी मांगों को दिल्ली तक पहुँचाने की तैयारी में हैं।

इस्तीफा देने वाले सस्पेंड पीसीएस अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि मैंने जो काम करना था कर दिया। अब समाज के अन्य लोगों की बारी है। हमारे समाज के कई ओहदेदार अकर्मण्य लोग हैं। जो चुप हैं।

शंकराचार्य और यूजीसी के नियमों के खिलाफ अचानक इस्तीफा देकर हड़कंप मचाने वाले पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री अपने निलंबन को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। वह प्रयागराज पहुंच गए हैं और वकीलों से मुलाकात कर विधिक राय ले रहे हैं।

अलंकार अग्निहोत्री ने एससी-एसटी एक्ट को देश का सबसे बड़ा काला कानून बताया। केंद्र सरकार को छह फरवरी तक का अल्टीमेटम देते हुए कहा यदि तब तक यह कानून वापस नहीं लिया गया तो सात फरवरी को हम लोग दिल्ली कूच करेंगे। अलंकार ने आरोप लगया कि इस कानून के तहत दर्ज होने वाले 95 प्रतिशत मामले फर्जी होते हैं।

अलंकार रविवार को कानपुर से वाराणसी के लिए निकले। वह वहां ज्योतिषपीठ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात करेंगे। कानपुर से निकलने से पहले उन्होंने अपनी मां और ताऊ का आशीर्वाद लिया। इसके साथ ही सत्य की राह पर चलने का संकल्प लिया। शंकराचार्य से मिलकर अलंकार आगे की रणनीति तय करेंगे।

सरकार ने यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ 26 जनवरी को इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री की जगह राजेश कुमार वर्मा को तैनाती दे दी है। इसके अलावा प्रयागराज में उप जिलाधिकारी रहे सुनील कुमार को जालौन का सिटी मजिस्ट्रेट बनाकर भेजा गया है।

अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि UGC रेग्यूलेशन 2026 को भारत सरकार के गजट में जारी किया गया है, जो मोदी और शाह ने सोची-समझी साजिश है। वे इस गजट के जरिए जनरल और ओबीसी को आपस में लड़वाना चाहते हैं, ताकि वर्ष 2027 में यूपी विधानसभा चुनाव को प्रभावित किया जा सके।

अलंकार अग्निहोत्री शनिवार सुबह केशवनगर डब्लू ब्लॉक स्थित अपने घर पहुंचे। जहां सवर्ण संगठनों और समर्थकों ने माला पहनाकर और नारेबाजी करते हुए जोरदार स्वागत किया। बेटे अलंकार को देखते ही मां भावुक हो गईं और उन्हें गले लगा लिया। अलंकार ने कहा कि यूजीसी के नए नियमों ने भारत की आत्मा को चोट पहुंचाई है।

शंकराचार्य और यूजीपी नियमावली को लेकर इस्तीफा देने वाले पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री फिलहाल शांत रहने के मूड में नहीं हैं। लखनऊ भेजे जाने के बाद पोस्ट के जरिए शासन-प्रशासन को चेताया है।

अलंकार अग्निहोत्री की मां गीता बीमार हो गई हैं। उनका ब्लड प्रेशर ज्यादा बढ़ गया है। उन्होंने मॉर्निंग वॉक भी बंद कर दी है। अलंकार के छोटे भाई अंकित और चचेरे भाई राजेश उनकी देखरेख कर रहे हैं। अलंकार के ताऊ रिटायर्ड विंग कमांडर एसके अग्निहोत्री ने कहा है कि अलंकार और उनकी पत्नी दोनों के फोन बंद हैं।