
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर ने विभिन्न विभागों में 83 फैकल्टी पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इसमें प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 8 जून है। इच्छुक उम्मीदवार योग्यता और अनुभव के आधार पर आवेदन कर सकते हैं।

गोरखपुर में एम्स में विश्व हाथ स्वच्छता दिवस के अवसर पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें चिकित्सकों, नर्सिंग कर्मियों और विद्यार्थियों को स्वच्छ हाथों के महत्व के बारे में बताया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता करेंगी, जिसमें हाथ धोने की विधि का प्रदर्शन और प्रतियोगिताएं शामिल होंगी।

गोरखपुर में एम्स के स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत आरएचटीसी शिवपुर और राजकीय विद्यालय शिवपुर में जनजागरूकता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्वच्छता के महत्व, कचरे के उचित निस्तारण और स्वच्छ आदतों के विषय में जानकारी दी गई। संकाय सदस्यों और नर्सिंग स्टाफ ने हाथ धोने की विधि और संक्रमण से बचाव के बारे में बताया।

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कानपुर में युग दधीचि देहदान अभियान के तहत 77 वर्षीय महिला सुशीला पाण्डेय ने अपनी पार्थिव देह को एम्स गोरखपुर को सौंपा। यह देहदान का 320वां मामला है। अभियान प्रमुख मनोज सेंगर और माधवी सेंगर ने इसे सुनिश्चित किया। सुशीला के भतीजे और अन्य लोग इस मौके पर मौजूद थे।
एम्स प्रशासन के मुताबिक, एम्स गोरखपुर में वार्ड अटेंडेंट, किचन हेल्पर और सपोर्ट स्टाफ भर्ती-2026 का एक फर्जी विज्ञापन फेसबुक से लेकर इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहा है। इस विज्ञापन में बिना परीक्षा डायरेक्ट इंटरव्यू के जरिए नियुक्ति बताते हुए योग्यता आठवीं, 10वीं-12वीं पास (अनपढ़ भी मान्य) लिखा गया है।
गोरखपुर में एम्स के नाम पर फर्जी वैकेंसी का विज्ञापन वायरल हो रहा है। इसमें वार्ड अटेंडेंट, किचन हेल्पर और सपोर्ट स्टाफ की भर्ती का दावा किया गया है। एम्स प्रशासन ने इसे पूरी तरह से फर्जी बताया है और लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। कई लोग इससे पहले भी धोखाधड़ी का शिकार हो चुके हैं।
मथुरा की डॉ. ज्योति बघेल का चयन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान गोरखपुर में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर हुआ है। उन्होंने 16 मार्च 2026 से कार्यभार संभाला। डॉ. ज्योति ने सेंटपॉल स्कूल से पढ़ाई की और गोल्ड मेडल के साथ एमबीबीएस व एमएस किया। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
गोरखपुर में एम्स के ऑडिटोरियम में एनएबीएल प्रत्यायन के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने प्रयोगशाला सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। सभी विभागों को एनएबीएल प्रत्यावेदन के लिए सक्रिय होने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में गुणवत्ता नियंत्रण पर चर्चा हुई।
पीड़ित रेजिडेंट डॉक्टर के अनुसार वह अपने एक मित्र के साथ 22 फरवरी को मोहद्दीपुर स्थित एक मॉल में गई थीं। रात करीब आठ बजे वहां से निकल रही थीं, तभी तीन युवकों ने उन्हें घूरना शुरू किया। उन्होंने नस्लीय टिप्पणी करते हुए अपशब्द कहे। तीनों युवक मॉल से उनका पीछा करते हुए एम्स गेट नंबर दो तक पहुंच गए।