
रायबरेली के दरियापुर में 12 वर्ष पूर्व स्थापित एम्स को पूरी क्षमता से संचालित न करने पर राज्यसभा में प्रमोद तिवारी ने सरकार की आलोचना की। उन्होंने बताया कि अस्पताल में बेड, डॉक्टरों और स्टाफ की भारी कमी है, जिससे चिकित्सा सेवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

चन्दौसी में एम्स बनाने की मांग जोर पकड़ रही है। नरौली के निवासियों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर यह मांग की है। भारत सरकार ने 2026-2027 के बजट में पश्चिमी यूपी में एम्स की घोषणा की थी। चन्दौसी को इस परियोजना के लिए उपयुक्त स्थान माना जा रहा है।
रायबरेली के दरियापुर में बने एम्स को 12 वर्ष बाद भी पूरी क्षमता से संचालित नहीं किया जा रहा है। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि अस्पताल में सीनियर रेजीडेंट डॉक्टरों की भारी कमी है और 74 प्रतिशत पद रिक्त हैं। मरीजों को सर्जरी के लिए डेढ़ साल तक इंतजार करना पड़ रहा है।

देवघर के नयापाड़ा में शिव कुमार चौरसिया की एक वर्षीय पुत्री कंचन ज्योति गर्म पानी से झुलस गई। उसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए एम्स भेजा गया। वहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन उसकी स्थिति नाजुक होने के कारण उसे पटना रेफर किया गया।

फरीदाबाद में दीक्षांत समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि देश में एम्स की संख्या बढ़कर 23 हो गई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हुई हैं। उन्होंने युवाओं को विज्ञान और तकनीक में आगे बढ़ने और ईमानदारी से काम करने की अपील की। समारोह में 2,150 विद्यार्थियों को डिग्रियां दी गईं।

- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को पेश किए गए आम बजट में

गोरखपुर के एम्स में नौकरी दिलाने के नाम पर एक महिला और उसके साथियों ने मिलकर 7.46 लाख रुपये की ठगी की। आरोपियों ने फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भी दिया, जिसका खुलासा दिल्ली एम्स पहुँचने पर हुआ। शाहपुर पुलिस ने मुख्य आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके दो साथी अभी फरार हैं।

एम्स के डॉक्टरों ने 14 माह की बच्ची की भोजन नली से लोहे की स्प्रिंग निकाली। बच्ची ने इसे खाने की वस्तु समझकर निगल लिया था। माता-पिता उसे देहरादून से इलाज के लिए लाए थे। एक्स-रे में स्प्रिंग फंसी होने की पुष्टि हुई थी, जिसे डॉ. विशेष जैन की टीम ने एंडोस्कोपी से सफलतापूर्वक निकाला।

राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद ने महोबा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना की मांग की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में गंभीर रूप से बीमार लोगों को इलाज के लिए 250-300 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। एम्स की स्थापना से महोबा और आस-पास के जिलों की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार होगा और युवाओं को चिकित्सा शिक्षा और रोजगार मिलेंगे।

भारत जागृति कान्फ्रेंस की बैठक में मुरादाबाद में एम्स खोले जाने की मांग उठाई गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष सुमित शर्मा ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को इलाज के लिए दिल्ली या ऋषिकेश जाना पड़ता है, जिससे उन्हें परेशानी होती है। मुरादाबाद में एम्स खुलने से क्षेत्र के लोगों को सुविधा मिलेगी।