
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 63 प्रतिशत आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। इन उम्मीदवारों ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में 50 प्रतिशत या उससे अधिक वोट प्राप्त किए। एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, कुल 175 उम्मीदवारों ने 50 प्रतिशत से अधिक वोट पाकर जीत दर्ज की। मतदाता भागीदारी 93.7 प्रतिशत रही।

देश की सियासत में सक्रिय क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की आय वित्त वर्ष 2024-25 में 51.57 प्रतिशत घट गई है। इसके बावजूद, इनका खर्च आय से अधिक रहा है। एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, 36 दलों ने अपनी आय से 20 प्रतिशत अधिक खर्च किया है। 31 दलों ने समय पर अपनी ऑडिट रिपोर्ट नहीं दी है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 43 प्रतिशत उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 192 उम्मीदवारों पर महिलाओं से जुड़े अपराध हैं। भाजपा के पास सबसे अधिक दागी उम्मीदवार हैं। कुल 2920 में से 629 करोड़पति उम्मीदवार हैं। 385 महिला उम्मीदवार मैदान में हैं।

- केरल चुनाव 2026 : 38 फीसदी उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले नई दिल्ली, एजेंसी।
राजनीतिक पार्टियों के चंदे को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। एडीआर की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2024-25 में राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे में 161 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस दौरान जहां भाजपा पहले नंबर पर है। वहींस बसपा को 19 सालों में 20 हजार से अधिक का चंदा नहीं मिला।
नई दिल्ली में, राजनीतिक दलों को रियल स्टेट कंपनियों से 2024-25 में 629.17 करोड़ रुपये का चंदा मिला। यह कुल चंदे का 16.44 प्रतिशत है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट में बताया गया कि भाजपा को सबसे अधिक 82 प्रतिशत चंदा मिला।
फरूखाबाद से भाजपा के सांसद मुकेश राजपूत की संपत्ति में हजारों गुना हो गई वृद्धि
2014 से 2024 के बीच दोबारा चुने गए 102 सांसदों की संपत्ति में औसतन 100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, उदयनराजे भोंसले की संपत्ति 268% बढ़ी है। अन्य सांसदों जैसे पूनमबेन माडम और हेमा मालिनी की संपत्तियों में भी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है।
Bihar New MLAs Assets: बिहार विधानसभा से गरीब विधायक गायब हो रहे हैं। चुनाव जीते 243 नए विधायकों में 218 करोड़पति हैं। एक करोड़ से कम वाले 25 एमएलए चुनकर आए हैं। 2010 में 20 फीसदी करोड़पति जीते थे। इस बार 90 परसेंट हो गए।
बिहार विधानसभा के चुनाव परिणाम घोषित हो चुके हैं। चुनाव में 243 सीटों पर विजयी उम्मीदवारों के शपथपत्र का विश्लेषण किया जा चुका है। यह विश्लेषण किया है एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और बिहार इलेक्शन वॉच ने।