
सिर्फ सांसद ही नहीं ममता बनर्जी की पार्टी पश्चिम बंगाल में भी टूट का सामना कर रही है। चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद सबसे पहले बड़ी संख्या में पार्षदों ने इस्तीफा देना शुरू किया था। वहीं, बाद में 80 में से 60 विधायक बागी हो गए।

ममता बनर्जी की टीएमसी में टूट पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहाकि ममता बनर्जी अपनी करनी का फल भुगत रही हैं। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला…

ममता बनर्जी के बयान का हवाला देते हुए अधीर रंजन ने कहाकि शायद उन्हें लग रहा है गैर-बंगाली लोग अगले चुनाव में उनकी पार्टी को वोट नहीं देंगे। इसीलिए वह प्रवासी बांग्लादेशी मजदूरों पर हमले का मुद्दा भुनाना चाहती हैं।

चौधरी ने यह भी मांग की कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करे कि इस दौरान आवश्यक वस्तुओं की कीमतें नियंत्रित रहें, ताकि मुस्लिम समुदाय के लोगों को रमजान के दौरान किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री से अपील की कि वे सभी राज्य सरकारों को संवेदनशील बनाने के लिए निर्देश दें, ताकि देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रवासी मजदूरों के साथ किसी भी तरह का भेदभाव, हिंसा या उत्पीड़न न हो।
बिहार चुनाव को लेकर कांग्रेस ने पार्टी के तीन वरिष्ठ नेताओं को सीनियर ऑब्जर्वर नियुक्त किया है। जिसमें राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व सांसद अधीर रंजन चौधरी शामिल हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव से तीन महीने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कांग्रेस के एक नेता के मंच से एक कार्यकर्ता द्वारा मां की गाली देने को भाजपा ने बड़ा मुद्दा बना लिया है। अब तक मोदी को अपशब्द हर बार विपक्ष के लिए सेल्फ गोल ही साबित हुआ है।
उनकी टिप्पणी शुभेन्दु अधिकारी की हाल की टिप्पणी के मद्देनजर आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो तृणमूल कांग्रेस के मुस्लिम विधायकों को विधानसभा से बाहर निकाल दिया जाएगा।