
अधिकमास की दूसरी यानी शुक्ल पक्ष की एकादशी कौन सी है। इस एकादशी के बाद निर्जला एकादशी कब आएगी। अगर आप भी एकादशी का व्रत करते हैं और ये सवाल आपके मन में हैं तो यहां जानें

अधिकमास अभी चल रहा है। यह 15 जून को समाप्त होगा। इसके बाद से ज्येष्ठ मास का शुक्ल पक्ष लगेगा। इस दौरान अभी आपके पास काफी दिन हैं, अगर आप दान नहीं कर पाएं है तो कर सकते हैं। इसके अलावा इस मास में कुछ उपाय भी आपको मां लक्ष्मी और शिवजी की कृपा दिला सकते हैं।

अधिक मास को पुरुषोत्तम मास या मलमास भी कहा जाता है। स मास में किए गए दान, जप और पूजा का फल सामान्य महीनों की तुलना में कई गुना अधिक मिलता है। आइए जानते हैं मलमास में 33 चीजों का दान क्यों किया जाता है?

Purnima Time Lakshima Pooja 2026 : अधिक मास की पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में गंगा स्नान, व्रत उपासना और दान करने का खास महत्व माना जाता है। अधिक मास की पूर्णिमा का संयोग इस साल 2 दिन के लिए बन रहा है।
Adhik Maas 2026: 30 मई 2026 को अधिकमास की पूर्णिमा है। माता लक्ष्मी की कृपा पाने और धन-धान्य बढ़ाने के लिए कौड़ी से जुड़े ये शक्तिशाली उपाय करें। परिवार में सुख-समृद्धि और आर्थिक स्थिरता के लिए जानिए आसान विधि।
Adhik Maas Remedies 2026: 15 जून तक चलने वाला ज्येष्ठ माह का अधिक मास 2026 पितृ दोष और गुरु दोष निवारण के लिए सबसे अच्छा समय है। जानें मलमास में तर्पण, गीता पाठ, दान और मंत्र जाप जैसे प्रभावी उपाय, जो इन दोषों के बुरे प्रभावों से राहत दिलाते हैं।
Purushottam maas 2026 mein Purnima Kab Hai: अधिकमास की पूर्णिमा अत्यंत शुभ फलदायी मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने व कुछ उपायों को करने से आर्थिक उन्नति और सफलता मिलती है। जानें अधिकमास की पूर्णिमा कब है।
Adhikmaas: अधिकमास के स्वामी स्वयं भगवान विष्णु हैं। इसलिए इस पूर्णिमा पर श्रीहरि विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
Jyeshtha Bada Mangal 2026: आज 26 मई को चौथे बड़े मंगल पर शाम को इन 5 शुभ जगहों पर दीपक जलाएं। हनुमान जी की विशेष कृपा पाने, नकारात्मक ऊर्जा दूर करने और घर में सुख-समृद्धि लाने के लिए मुख्य द्वार, तुलसी, ईशान कोण आदि स्थानों पर दीपदान का महत्व जानें।
padmini ekadashi kab hai: अधिकमास में दो एकादशी हैं, लेकिन इसमें निर्जला एकादशी नहीं आती है। अधिकमास की पहली एकादशी पद्मिनी या कमला है और दूसरी पद्मा और कमला एकादशी है। यह एकादशी 3 साल में एक बार आती है।