
18 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मॉनसून सत्र को लेकर अटकलों का दौर जारी है। कहा जा रहा है कि एक बार फिर संविधान संशोधन बिल को लेकर सत्तारूढ़ NDA और विपक्षी दलों में रस्साकशी देखने को मिल सकती है। हालांकि, विधेयक को लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।

543 सदस्यों वाली लोकसभा में दो तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए 360 सदस्यों के समर्थन की जरूरत होती है। संविधान संशोधन विधेयक के मामले में यह अहम है। अब कहा जा रहा है कि NDA हर राज्य में सीटें बढ़ाने के फॉर्मूले पर काम कर रहा है।

भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने दक्षिण भारत के हर राज्य का ख्याल रखा है। उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार भी केरल की सीटें सिर्फ 20 से बढ़कर 23 ही होतीं, लेकिन अब यह आंकड़ा 30 होगा। इस तरह उनका कोई नुकसान नहीं होगा बल्कि उनके हितों की रक्षा ही की जाएगी।

Latest Survey: अगर अभी लोकसभा चुनाव हो जाएं तो केंद्र में किसकी सरकार बनेगी? इसको लेकर एक नया ताजा सर्वे सामने आया है। इसके हिसाब से एनडीए को बंपर सीटें मिलने का अनुमान है। अकेले भाजपा को ही 287 सीटें मिल सकती हैं, जबकि कांग्रेस महज 80 पर सिमट सकती है।
लोकसभा में एसआईआर पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष के हंगामे पर पूर्व मंत्री और बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर हमला बोला है। उन्होने कहा कि बिहार में इतनी बड़ी हार हुई। उसके बावजूद कांग्रेस एसआईआर पर अड़ी है, कुछ शर्म करे।
तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा कि आप ‘क्रोनोलॉजी’ (क्रम) समझिए - सदन को भंग कीजिए, देशभर में एसआईआर कराइए, चुनाव में जाइए और लोगों का सामना कीजिए।
चुनाव आयोग ने भारत में हुए चुनावों को लेकर दुनिया का सबसे बड़ा चुनावी डेटासेट जारी किया है। आयोग ने कहा कि ये रिपोर्ट दुनिया भर के शोधकर्ताओं और चुनाव पर्यवेक्षकों के लिए खजाने से कम नहीं है।
अमेठी की पूर्व सांसद स्मृति इरानी ने लोकसभा चुनाव में अपनी हार के बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर बात की है। उन्होंने कहा कि अमेठी की हार का शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर विश्लेषण हो चुका है। क्या बात हुई। यह यहां नहीं बताया जा सकता। स्मृति ने कहा कि मैंने तो अमेठी में अपनी उपलब्धता रखी, जो नहीं होता था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खटाखट खटाखट वाले वादे को लेकर कांग्रेस के सभी 99 सांसदों को अयोग्य घोषित करने, पार्टी का पंजीकरण रद्द करने और चुनाव चिह्न जब्त करने की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका खारिज कर दी है।
जेडीयू सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने वक्फ बिल पर कहा कि यहां गलत तर्क दिए जा रहे हैं। यहां मंदिर, गुरुद्वारे का उदाहरण दिया जा रहा है। आप समझ नहीं रहे हैं। मंदिर और गुरुद्वारे धार्मिक स्थल हैं। लेकिन वक्फ बोर्ड एक संस्था है। ये धार्मिक स्थल नहीं है।