30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में ओमान के को-पायलट ने कथित तौर पर अपने भारतीय कैप्टन पर चाकू से हमला किया। इसके बाद विमान 37 सेकंड में 14 हजार 300 फीट नीचे आ गया, कई हाईजैक कोड रिसीवरों को भेजे गए और बाद में हालात पर काबू पाया गया। यहां देखें, उड़ान भरने से लैंडिंग तक हर मिनट क्या हुआ।
दुबई से तेल अवीव आ रही फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 के पायलट ने अपने साथी पायलट पर बुधवार को हमला कर दिया। इजरायली अधिकारियों का मानना है कि आतंकी हमला हुआ था। घटना के समय बोइंग 737 MAX 8 विमान 14 हजार 300 फीट की ऊंचाई पर उत्तरी सऊदी अरब के ऊपर उड़ रहा था। तब हाईजैक अलर्ट भेजा गया और फ्लाइट को डायवर्ट कर तबुक लाया गया। कंपनी का कहना था कि सभी यात्री सुरक्षित थे।
हिन्दुस्तान टाइम्स से बातचीत में मामले के जानकार बताते हैं कि इसके कप्तान मुंबई के घाटकोपर पूर्व के रहने वाले स्मिट मच्छार हैं, जो दुबई में रहते हैं। उन्होंने बताया कि मच्छार की सर्जरी हुई है और उनकी हालत स्थिर है। रॉयटर्स से बातचीत में इजरायली अधिकारियों ने बताया है कि हमला करने वाला ओमान का था और सऊदी में उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
एक्स पोस्ट में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मच्छार की ‘असाधारण बहादुरी’ की तारीफ की। उन्होंने लिखा, ‘चाकू लगने और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने मुकाबला किया, विरोध किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों व क्रू को हमलावर पर काबू पाने में मदद की, जिससे हवा में एक बड़ी दुर्घटना टल गई।’
मामले के जानकारों के अनुसार, शुरुआती खबरों से पता चलता है कि मच्छार ने गिरने से पहले ही कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया था। विमान ने अपनी लोकेशन, ऊंचाई और रफ्तार की जानकारी दी और ट्रांसपोंडर कोड कई बार भेजा। जमीन पर मौजूद रिसीवर्स को सिग्नल मिले। हमने Flightradar24 और ADS-B Exchange की तरफ से दिए गए उन रिकॉर्ड्स में से दो के आधार पर FZ1073 की उड़ान का दोबारा पता लगाया।
FZ1073 विमान दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से रवाना हुआ। इसके ट्रांसपोंडर ने 0527 कोड भेजा। यह एक सामान्य कोड है। इसके बाद विमान 32 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंचा और उत्तर-पश्चिम दिशा में खाड़ी की ओर रवाना हो गया।
उड़ान भरने के बाद विमान का सफर करीब 1 घंटा 40 मिनट तक जारी रहा। सऊदी अरब पार करने के दौरान विमान 34 हजार फीट की ऊंचाई पर था और इसकी रफ्तार 737 विमान के लिए सामान्य मानी जाने वाली माक 0.79 दर्ज की गई थी। अब तेल अवीव सिर्फ 420 किमी रह गया था।
तबुक के उत्तर-पश्चिम में करीब 234 किमी दूर विमान अचानक नीचे जाने लगा। 2 मिनट में ही फ्लाइट 17 हजार फीट से ज्यादा नीचे आ गई थी। नीचे इस उतरने की हर सेकंड की जानकारी दी गई है।
यहां एडीएस-बी एक्सचेंज के रिसीवर्स को विमान की लोकेशन के बारे में 9 मिनट तक कुछ पता ही नहीं चला। मैप पर भी कुछ नजर नहीं आ रहा था। इधर, Flightradar24 की तरफ से भी ऊंचाई और रफ्तार की जानकारी दी जा रही थी, लेकिन लोकेशन के बारे में कुछ नहीं बताया गया।
गायब हुआ ट्रैक उत्तर में 95 किमी के बाद फिर से शुरू हुआ और तब विमान 15 हजार फीट पर था। तब ट्रांसपोंडर 7700 पर सेट किया गया था। इसे सामान्य इमरजेंसी का कोड माना जाता है। खास बात है कि क्रू ने पहले ही इसे सेट कर दिया हो, लेकिन कोई भी रिसीवर विमान का सिग्नल नहीं ले रहा था।
4 मिनट के बाद यह कोड बदलकर 7500 पर पहुंच गया। इसके जरिए पायलट्स एयर ट्रैफिक कंट्रोल को अवैध हलचल या हाईजैकिंग की जानकारी देते हैं।
विमान की उड़ान उत्तर-पश्चिम दिशा में 15 हजार फीट की ऊंचाई पर जारी रही। तब तक विमान 8 बजकर 41 मिनट तक जॉर्डन की सीमा पार कर गया था। अब जॉर्डन में जाने के बाद यह 180 डिग्री पलट गया और पूर्व में 8 बजकर 45 मिनट तक सऊदी क्षेत्र में वापस लौट आया।
तबुक एयरपोर्ट ने बताया कि उन्हें 8 बजकर 44 मिनट पर एक कॉल आया था। तब तक विमान पूर्व दिशा में और कुछ देर बाद दक्षिण-पूर्व में आगे बढ़ने लगा। एडीएस-बी एक्सचेंज की तरफ से कवरेज 8 बजकर 53 मिनट पर खत्म हुई और तब विमान तबुक के उत्तर-पूर्व दिशा में 300 किमी दूर था।
Flightradar24 के रिकॉर्ड के अनुसार, विमान 9 बजकर 13 मिनट तक 15 हजार फीट की ऊंचाई पर रहा, लेकिन उसके बाद गिरने लगा था। बाद में 9 बजकर 58 मिनट पर यह तबुक में लैंड हुआ। विमान के आखिर 1 घंटे में तय किए गए सफर का डेटा सार्वजनिक नहीं किया गया है।
Flightradar24 के मुताबिक, विमान दो बार नीचे आया और वापस ऊंचाई पर गया था। पहली और आखिरी बार हुई ये घटनाएं चर्चा में आ गई थीं।
विमान 34 हजार फीट की ऊंचाई पर था और ग्राउंड स्पीड करीब 413 नॉट थी।
विमान नीचे आने लगा और अगले 40 सेकंड में 775 फीट ऊंचाई कम हो गई और रफ्तार बढ़ गई।
Flightradar24 की अगली रीडिंग 37 सेकंड बाद आती है। उस दौरान विमान 33 हजार 225 फीट से गिरकर 18 हजार 925 फीट पर आ गया था। इसका मतलब है कि 14 हजार 300 फीट नीचे आ गया था।
खास बात है कि अब इस अवधि की कोई भी रीडिंग उपलब्ध नहीं है। संभावनाएं हैं कि विमान और तेजी से नीचे आया हो, लेकिन उससे जुड़ा डेटा उपलब्ध नहीं है।
ग्राउंड स्पीड बढ़कर 598 नॉट हो गई। किमी में यह आंकड़ा 1,107 किमी प्रति घंटा है। 4 सेकंड के बाद विमान का गिरना 16 हजार 600 फीट पर जाकर कम हुआ।
विमान 45 सेकंड में ही 5 हजार फीट से ज्यादा ऊंचाई पर 21 हजार 725 फीट पर पहुंच गया था। तब रफ्तार घटकर 385 नॉट पर आ गई थी।
विमान फिर 08:24:18 पर 14 हजार 950 फीट पर गिरता है और 08:27 पर 13 हजार 675 फीट पर नीचे आ जाता है। बाद में यह दोबारा 15 हजार फीट पर जाता है। अगले 40 मिनट तक यह 15 हजार फीट के आसपास ही रहता है।
2,000 फीट प्रति मिनट की सामान्य दर से नीचे उतरने वाले यात्री विमान को 14,300 फीट नीचे आने में करीब सात मिनट लगते। धूसर रेखा उसी शुरुआती बिंदु से यह गति दिखाती है।
| सऊदी समय | ऊंचाई (फीट) | ग्राउंड स्पीड (नॉट) | स्क्वॉक | स्रोत |
|---|---|---|---|---|
| 08:20:56 | 34,000 | 413 | 0527 | FR24 |
| 08:21:48 | 33,225 | 387 | 0527 | FR24 |
| 08:22:25 | 18,925 | 502 | 0527 | FR24 |
| 08:22:36 | 16,850 | 598 | — | FR24 |
| 08:22:40 | 16,600 | 593 | — | FR24 |
| 08:23:25 | 21,725 | 386 | — | FR24 |
| 08:24:18 | 14,950 | 479 | — | FR24 |
| 08:27:05 | 13,675 | 311 | — | FR24 |
| 08:31:28 | 15,025 | — | 7700 | ADS-B Exchange |
| 08:35:20 | 15,250 | 312 | 7500 | ADS-B Exchange |
| 08:53:33 | 15,025 | 291 | 7500 | ADS-B Exchange |
स्क्वॉक कॉलम में डैश का मतलब है कि उस समय किसी भी स्रोत ने कोड दर्ज नहीं किया। 08:22:13 से 08:31:28 के बीच ADS-B Exchange को विमान से कोई संदेश नहीं मिला।
सामने आए आंकड़ों से अभी यह पूरी तरह साफ नहीं है कि फ्लाइट डाइव के दौरान कितनी तेज रफ्तार से उड़ रही थी। शुरुआती रिपोर्ट में दावा किया गया था कि विमान साउंड की स्पीड के करीब पहुंच गया था। हालांकि, आंकड़ों में इस दौरान सिर्फ जमीन के मुकाबले फ्लाइट की स्पीड दर्ज है। विमान ने 08:21:42 बजे आखिरी बार 0.82 मैक की रफ्तार दर्ज की थी। उड़ान के दौरान हवा की दिशा और रफ्तार को देखते हुए अनुमान है कि डाइव के समय विमान की स्पीड काफी ज्यादा रही होगी। Flightradar24 के आंकड़ों में मैक्सिमम स्पीड करीब 598 नॉट्स दर्ज की गई है। वहीं, 17,000 फीट की ऊंचाई पर सामान्य परिस्थितियों में आवाज की रफ्तार करीब 620 नॉट्स होती है। हालांकि, विमान की सही रफ्तार की पुष्टि फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर से ही हो सकेगी।
शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान करीब 14,000 फीट नीचे 30 सेकंड से भी कम समय में आया। हालांकि, Flightradar24 के आंकड़ों के अनुसार, विमान को इतनी ऊंचाई से नीचे आने में करीब 37 सेकंड लगे।
तबुक में विमान की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें उसके टेल के कुछ हिस्से से रडर गायब दिखाई दे रहा है। माना जा रहा है कि तेज रफ्तार के दौरान नियंत्रण वाले हिस्से पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ने से इस तरह का नुकसान हो सकता है। हालांकि, एयरलाइन और जांच अधिकारियों ने इन तस्वीरों या विमान को हुए नुकसान पर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
घटना की वजह अभी साफ नहीं है। अधिकारियों ने विमान में क्या हुआ या क्रू ने मार्ग क्यों बदला, इसका खुलासा नहीं किया है।
इस काम में लगी एजेंसियों से ट्रांसपोर्ट मंत्री मिरियम रेजेव ने बात की और हालात का आकलन किया। सरकार ने बताया कि सुरक्षा अधिकारी इस मामले से निपट रहे हैं। ट्रांसपोर्ट मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमीरात के अधिकारी सऊदी अरब में फंसे इजरायल के यात्रियों को वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा, ‘इजरायल के यात्रियों को इजरायल सुरक्षित लाने के लिए सभी उपाय किए जा रहे हैं।’
फ्लाईदुबई का कहना है कि उसकी टीम अगले कदम के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ काम कर रही है। उसके 737 MAX 8 में आमतौर पर करीब 174 लोग बैठते हैं।
एमिरेट्स एयरलाइन से जुड़ी कंपनी फ्लाईदुबई ने साल 2020 में दुबई से तेल अवीव की डेली फ्लाइट्स शुरू की थी। अब इनकी संख्या हर हफ्ते 70 है। इजरायल के लोग छुट्टियां मनाने यूएई खूब जाते हैं।
सरकारों की तरफ से सिक्योरिटी प्रोटोकॉल लागू किए जाने के बाद हाईजैकिंग की घटनाओं में कमी आई है। दुनिया में इजरायल की तरफ से लगाई गई विमान सुरक्षा को सबसे कड़ा भी माना जाता है। 1970 के दशक में कई हाईजैकिंग सफल होने के बाद इन्हें लागू किया गया था।