फीफा वर्ल्ड कप 2026: जब मैदान पर आमने-सामने होंगे एक दो नहीं बल्कि 4 सगे भाई, अलग-अलग देशों के लिए खेलेंगे खून के रिश्ते
आगामी फीफा विश्व कप में खेल के साथ-साथ भावनाओं का भी संगम होगा। इस बार टूर्नामेंट में चार भाइयों की जोड़ियां शामिल हो रही हैं, जो एक- दूसरे के खिलाफ अलग-अलग देशों की जर्सी में खेलते हुए और गोल दागते हुए नजर आएंगे।
11 जून से शुरू होने जा रहा फीफा विश्व कप काफी रोमांचक होने वाला है। इस टूर्नामेंट में तकनीक के उच्चतम दर्जे का इस्तेमाल तो किया ही जाएगा साथ ही 1 महीने तक चलने वाले इस खास टूर्नामेंट में कई भावनात्मक रिश्ते भी देखने को मिल सकते हैं। फीफा विश्व कप में दुनिया की 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं। इस वर्ल्ड कप में चार भाई अलग-अलग देशों से खेलते हुए दिखेंगे। आने वाले फुटबॉल विश्व कप में खेल के साथ-साथ भावनाओं का भी संगम होगा। इस बार टूर्नामेंट में चार भाइयों की जोड़ियां शामिल हो रही हैं, जो एक- दूसरे के खिलाफ अलग-अलग देशों की जर्सी में खेलते हुए और गोल दागते हुए नजर आएंगे।
पहली जोड़ी फ्रांस के डौए भाइयों की
फ्रांस बनाम आइवरी कोस्ट फ्रांस के एंगर्स में जन्म डौए भाइयों की कहानी काफी दिलचस्प है। एक भाई अपनी मूल टीम फ्रांस से खेलेगा, जबिक दूसरा भाई अपने पिता के मूल देश से खेलता हुआ दिखाई देगा। पीएसजी फुटबॉल क्लब के उभरते सितारे डेजायर डौए फ्रांस की राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे, वहीं उनके बड़े भाई गुएला डौए अपने पिता के मूल देश आइवरी कोस्ट से बतौर पुलबैक खेलते हुए नजर आएंगे। हाल ही में इन दोनों खिलाड़ियों की टीमों के बीच एक दोस्ताना मैच हुआ छा जिसमें गुएला ने फ्रांस के खिलाफ गोल करके अपनी टीम को 2-1 से जीत भी दिलाई थी। हालांकि, डेजायर उस मैच में फ्रांस की प्लेइंग 11 में शामिल नहीं थे और बैठकर अपने बड़े भाई के खेल को देख रहे थे।
स्पेन के विलियम्स ब्रदर्स
फीफा विश्व कप में जब स्पेन और घाना की टीमें आमने-सामने होंगी तब विलियम्स भाइयों को भी एक-दूसरे के खिलाफ खेलते हुए देखा जा सकेगा। 23 वर्षीय निको विलियम्स स्पेन के स्टार खिलाड़ी हैं और दो साल पहले यूरोपीय चैंपियनशिप के फाइनल में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुने गए थे। वहीं, उनके बड़े भाई इनाकी विलियम्स ने पहले तो स्पेन के लिए एकम मैच खेला था लेकिन बाद में अपने माता-पिता के देश घाना से खेलने का फैसला किया।
साउटर ब्रदर्स
स्कॉटलैंड के एबरडीन में जन्में साउटर भाइयों की भी राहें दो अगल-अलग टीमों के लिए हो चुकी हैं। 27 साल के हैरी साउटर ऑस्ट्रेलिया की टीम के लिए डिफेंस संभालेंगे, वहीं, उनके बड़े भाई जॉन साउटर स्कॉटलैंड यानी अपने मूल देश की जर्सी में नजर आएंगे। बता दें कि हैरी की मां ऑस्ट्रेलिया की हैं, इसलिए वे अपने ननिहाल देश से 7 साल पहले से ही खेल रहे हैं, जबिक उनके भाई साउटर पिता के देशष से खेल रहे हैं।
ब्रायन बोबे और डेरिल लुकासेन
नीदरलैंड की टीम से ब्रायन ब्रोबे खेल रहे हैं, जबकि उनके सौतेले भाई डेरिल लुकासेन को आखिरी समय में घाना की टीम में शामिल किया गया है। बता दें कि इन दोनों की मां एक ही है, लेकिन पिता अलग-अलग हैं।
बता दें कि फुटबॉल की दुनिया में यह चलन सिर्फ इन चार भाइयों तक ही सिमटा हुआ नहीं है। प्रवास के कारण मोरक्को, अल्जीरिया, सेनेगल और ट्यूनीशिया जैसी टीमों ने अपने देश के जन्में खिलाड़ियों की तुलना में यूरोप में पैदा हुए खिलाड़ियों की संख्या अधिक हो गई है। फुटबॉल का यह बदलता हुआ परिवेश इस बात को परिलक्षित करता है कि कैसे खिलाड़ी अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि दोनों के प्रति वफादारी दिखा रहा है।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
खेल पत्रकारिता और पत्रकारिता का उद्देश्य
विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।


