कौन हैं फोलारिन बालोगुन? फीफा वर्ल्ड कप में बने अमेरिका की जीत के नायक, 96 साल में पहली बार हुआ ऐसा

लाइव हिन्दुस्तान, इंगलवुड (अमेरिका), भाषा
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USA vs Paraguay Highlights- मेजबान अमेरिका ने परागुआ को हराकर फीफा वर्ल्ड कप का आगाज जीत के साथ किया। इस मैच को अमेरिका ने 4-1 से अंतर से जीता। फोलारिन बालोगुन ने दो गोल दागे।

कौन हैं फोलारिन बालोगुन? फीफा वर्ल्ड कप में बने अमेरिका की जीत के नायक, 96 साल में पहली बार हुआ ऐसा

मेक्सिको और कनाडा के बाद मेजबान अमेरिका ने भी फीफा वर्ल्ड कप 2026 पॉइंट्स टेबल में अपना खाता खोल लिया है। USA ने अपने पहले मैच में परागुआ को 4-1 से हराया। अमेरिका की जीत के हीरो फोलारिन बालोगुन रहे, जिन्होंने दो गोल दागे, वह इसी के साथ मेजबान टीम के नए हीरो बन गए हैं। बता दें, फोलारिन बालोगुन तीन में से किसी भी देश के लिए खेल सकते थे। लेकिन उन्होंने अमेरिका को चुना और अब विश्व कप फुटबॉल में पहले मैच में उन्होंने दो गोल करके अपनी टीम को पराग्वे पर 4-1 से शानदार जीत दिलाई। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान डेविड बेकहम की मौजूदगी में बालोगुन 1930 के बाद वर्ल्ड कप के किसी मैच में दो गोल करने वाले पहले अमेरिकी खिलाड़ी बन गए। उस समय बर्ट पटेनाउड ने पराग्वे के खिलाफ ही अमेरिका की 3-0 की जीत में तीनों गोल किए थे, जो वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली हैट्रिक थी।

अमेरिका की विश्व कप में यह सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले उसने इस टूर्नामेंट में कभी तीन से अधिक गोल नहीं किए थे। यही नहीं अमेरिकी टीम ने पहले हाफ में तीन गोल दागे जो विश्व कप में उसका रिकॉर्ड है।

अमेरिका ने चार साल पहले कतर में खेले गए विश्व कप में अपने चार मैचों में कुल मिलाकर केवल तीन गोल किए थे। नए कोच मॉरीशियो पोचेटीनो के मार्गदर्शन में अलग शैली में खेल रही अमेरिका की टीम ने अपने खेल से स्टेडियम में मौजूद 70,492 दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

बालोगुन का जन्म न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन इलाके में नाइजीरियाई माता-पिता के घर हुआ था। उनके जन्म के एक महीने बाद उनके माता-पिता इंग्लैंड चले गए, जहां वह लंदन में पले-बढ़े। उन्होंने आठ साल की उम्र में आर्सेनल की अकादमी में दाखिला लिया। उन्होंने युवा स्तर पर इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व किया और साथ ही अमेरिका की अंडर-18 टीम के लिए भी खेले।

इस तरह से बालोगुन के पास अमेरिका के अलावा इंग्लैंड और नाइजीरिया की तरफ से खेलने का भी मौका था। इंग्लैंड की टीम में स्टार खिलाड़ियों की कमी नहीं है और इसलिए हो सकता था कि उन्हें उसकी टीम में जगह नहीं मिलती जबकि नाइजीरिया इस विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने में असफल रहा।

उन्होंने सही समय पर सही फैसला किया और इसका परिणाम यह है कि अब अमेरिका के प्रत्येक फुटबॉल प्रेमी की जुबान पर एक ही नाम है बालोगुन।

फीफा वर्ल्ड कप में पहली जीत से यूएसए ग्रुप D में शुरुआती तौर पर मजबूत स्थिति में है। मेजबान टीम का अगला मुकाबला 19 जून को सिएटल में ऑस्ट्रेलिया से होगा, जबकि पैराग्वे उसी दिन बाद में तुर्की से भिड़ेगा।

Lokesh Khera

लेखक के बारे में

Lokesh Khera

लोकेश खेड़ा लाइव हिन्दुस्तान में बतौर डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। हिंदी पत्रकारिता में इन्हें एक दशक से भी अधिक का अनुभव है। बचपन की अपनी रुचि को प्रोफेशनल करियर में तबदील करते हुए 2018 में बतौर खेल पत्रकार अपना सफर शुरू किया। क्रिकेट के साथ बॉक्सिंग, कबड्डी, बैडमिंटन, हॉकी, एथलेटिक्स समेत तमाम खेलों को बारीकी से कवर करते हैं। क्रिकेट टुडे के साथ उनकी पारी का आगाज हुआ, जहां उन्होंने वेबसाइड के साथ मैगजीन के लिए काम किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी के साथ जुड़े और वहां तीन साल अपनी सेवाएं दी। इस दौरान ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स, 2019 वनडे वर्ल्ड कप और 2021 टी20 वर्ल्ड कप जैसे तमाम इवेंट कवर किए और कई इंटरव्यू भी लिए, जिसमें दानिश कनेरिया और चेतन साकारिया जैसे इंटरनेशनल स्टार शामिल हैं। लाइव हिन्दुस्तान के साथ वह फरवरी 2022 जुड़े। यहां भी उन्होंने कॉमनवेल्थ, ओलंपिक, 2023 वनडे वर्ल्ड कप, 2024 टी20 वर्ल्ड कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े-बड़े इंटरनेशनल इवेंट को बखूबी कवर किया और नई सचें सीखने में हमेशा रुचि रखते हैं। क्रिकेट पढ़ने लिखने के अलावा खुद खेलना भी पंसद करते हैं। इसके अलावा किताबें पढ़ना भी पंसद है।

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