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ऑस्ट्रेलियाई ओपन के दूसरे दौर में खत्म हुआ सुमित नागल का सफर, चीन के जुनचेंग शांग ने दी मात

सुमित नागल ऑस्ट्रेलिया ओपन के दूसरे दौर में चीन के जुनचेंग शांग से हार गए हैं। उन्होंने दुनिया के 27वें नंबर के खिलाड़ी को हराकर दूसरे दौर में जगह बनाई थी लेकिन वह इससे आगे नहीं बढ़ सके।

ऑस्ट्रेलियाई ओपन के दूसरे दौर में खत्म हुआ सुमित नागल का सफर, चीन के जुनचेंग शांग ने दी मात
sumit nagal
Himanshu Singhलाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीThu, 18 Jan 2024 02:40 PM
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भारत के सुमित नागल ऑस्ट्रेलियाई ओपन के दूसरे दौर में चीन के जुनचेंग शांग से 6-2, 3-6, 5-7, 4-6 से हारकर बाहर हो गए हैं। नागल ने पहले दौर के मुकाबले में शीर्ष 30 में शामिल खिलाड़ी को पराजित किया था और गुरुवार को भी आक्रामक अंदाज में शुरूआत की लेकिन वह दो घंटे 50 मिनट तक चले मुकाबले में 18 साल के वाइल्डकार्ड से प्रवेश करने वाले शांग से 2-6 6-3 7-5 6-4 से हार गए। शांग ने तीसरे सेट के बाद से अच्छी सर्विस की और मैच में 'बैकहैंड बॉल्स' से परेशानी के बावजूद जीत हासिल की।

इसके बावजूद 26 वर्षीय नागल मेलबर्न पार्क से खुशनुमा याद के साथ बाहर होंगे क्योंकि हरियाणा के झज्जर के इस खिलाड़ी ने पहले क्वालीफायर से मुख्य ड्रॉ में जगह बनाई और फिर दुनिया के 27वें नंबर के खिलाड़ी एलेक्जेंडर बुबलिक पर जीत हासिल की। नागल को इस प्रदर्शन से 180,000 आस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब 95 लाख रुपये) मिलेंगे। उनका 2024 टूर का ज्यादातर बजट इस राशि से पूरा हो जाना चाहिए।

नागल ने शुरू में चीन के खिलाड़ी को बेसलाइन में उलझाया और पहले गेम में ही फोरहैंड विनर से पहला ब्रेक प्वाइंट हासिल किया। उन्हें दूसरा मौका भी मिला जिसमें चीन के खिलाड़ी की बैकहैंड गलती से उन्होंने अंक हासिल किया। शांग ने अपने स्ट्रोक्स में तेजी लाने की कोशिश करते हुए दमदार शॉट लगाये लेकिन नागल भी तैयार थे और वह 3-1 से बढ़त बनाने में सफल रहे।

शांग पांचवें गेम में 0-30 से पिछड़ रहे थे लेकिन अच्छी सर्विस से संभल गए। नागल को शांग की फोरहैंड गलती से फिर एक और ब्रेक मिला जिससे उन्हें 5-2 से आगे होने का मौका मिला। लेकिन चीन के खिलाड़ी ने ड्रॉप शॉट से इसे बचा लिया। शांग ने दो और मौके बंचाये लेकिन डबल फॉल्ट से नागल को चौथा ब्रेकप्वाइंट मिला।

शांग की 17वीं सहज गलती से एक और ब्रेक मिला जिससे भारतीय खिलाड़ी ने अगले गेम में पहला सेट जीत लिया। दूसरे सेट में शांग ने बेहतर और आक्रामक खेल दिखाया। उन्हें नागल को दबाव में डालने का मौका मिला, पर वह दूसरे गेम में दो ब्रेक प्वाइंट का फायदा नहीं उठा सके। शांग ने कम गलतियां की, अच्छी सर्विस की और कोर्ट कवरेज में सुधार दिखा, इससे उन्होंने दो ब्रेक के साथ 5-2 से बढ़त बना ली।

नागल ने इसके बाद सहज गलती से शुरूआत की, पर संभल गये। शांग को ऊंची बैकहैंड बॉल से परेशानी हो रही थी लेकिन उन्होंने ताकतवर फोरहैंड से दूसरा सेट अपने पक्ष में कर लिया। तीसरा सेट कड़ी टक्कर वाला रहा जिसमें दोनों 5-5 की बराबरी पर थे। नागल ने दो ब्रेक प्वाइंट बचाये लेकिन चीन के खिलाड़ी को एक और मौका दे दिया जिन्होंने 'डाउन द लाइन' फोरहैंड विनर से इसे अंक में तब्दील किया। चौथे सेट में शांग का खेल बेहतर रहा और उन्होंने 3-3 की बराबरी के बाद स्कोर 4-3 और 5-3 करके जीत हासिल की।

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भारत के सुमित नागल ने दुनिया के 27वें नंबर के खिलाड़ी कजाखस्तान के अलेक्जेंडर बुबलिक को सीधे सेटों में हराकर अपने करियर में पहली बार ऑस्ट्रेलियाई ओपन के दूसरे दौर में प्रवेश किया था। दूसरे दौरे के मैच में नागल से काफी उम्मीदें थी लेकिन चीन के युवा खिलाड़ी ने नागल को कड़ी टक्कर देते हुए मैच अपने नाम किया। 26 वर्ष के नागल क्वालीफायर के रास्ते मुख्य ड्रॉ में पहुंचे हैं। उन्होंने 31वीं वरीयता प्राप्त बुबलिक को दो घंटे 38 मिनट तक चले मैच में 6-4, 6-2, 7-6 से मात दी थी। 

ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों का सफर
सुमित 2018 में विम्बलडन के क्वालीफाइंग के पहले दौर से आगे नहीं बढ़ सके थे। नागल ने 2019 में यूएस ओपन में रोजर फेडरर के खिलाफ ग्रैंड स्लैम में पदार्पण किया। फेडरर को एक सेट में हराया भी पर मैच 6-4, 1-6, 2-6, 4-6 से हार गए। यूएस ओपन 2020 के पहले दौर में उन्होंने अमेरिका के ब्राडले क्लान को 6-1, 6-3, 3-6, 6-1 से हराया था। हालांकि दूसरे दौर में हार गए थे। 2021 में ऑस्ट्रेलियन ओपन के पहले दौर में हार झेलनी पड़ी थी। 2021 में फ्रेंच ओपन के क्वालीफाइंग के दूसरे दौर में बाहर हो गए थे। 

35 साल में पहली बार किसी भारतीय ने वरीय खिलाड़ी को हराया
नागल की जीत के साथ ही 35 साल में पहली बार किसी भारतीय ने ग्रैंड स्लैम एकल में किसी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी को हराया है। पिछली बार 1989 में रमेश कृष्णन ने मैट्स विलेंडर को मात दी थी जो उस समय दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी और ऑस्ट्रेलियन ओपन में मौजूदा चैंपियन थे। नागल इसके साथ ही 2013 में सोमदेव देवबर्मन के बाद इस टूर्नामेंट के दूसरे दौर में खेलने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। उस साल सोमदेव ने पहले दौर में सिमोन बोलिली को शिकस्त दी थी।