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पीवी सिंधु ने ओलंपिक स्वर्ण के लिए ट्रॉफियों की कैबिनेट में खाली रखी है जगह

शीर्ष भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधु ने उम्मीद जताई है कि वह तोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगी।

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शीर्ष भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधु ने कहा कि विश्व चैम्पियनशिप के स्वर्ण पदक ने रियो ओलंपिक को छोड़कर पिछले सभी फाइनल में हारने के जख्म को भर दिया है। और उन्हें उम्मीद है कि अगले साल तोक्यो में वह इस कमी को भी पूरा कर लेंगी, जिसके लिए उन्होंने ट्रॉफियों की कैबिनेट में एक जगह खाली रखी है। ओलंपिक रजत पदक विजेता सिंधु ने बासेल में अपने लगातार तीसरे फाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा को 21-7 21-7 से हराकर विश्व चैंपियनशिप का ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता। इस ऐतिहासिक दिन से पहले 24 साल की इस भारतीय को रियो ओलंपिक, विश्व चैम्पियनशिप (2017, 2018), 2017) दुबई सुपर सीरीज फाइनल्स, 2018 राष्ट्रमंडल खेलों और जकार्ता एशियाई खेलों के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था।

'ओलंपिक स्वर्ण के लिए मेरी कैबिनेट में एक पदक खाली है'    
सिंधु ने पीटीआई को दिए साक्षात्कार में कहा, 'यह (विश्व चैम्पियनशिप स्वर्ण) उन सभी शिकस्त की भरपाई है। लोग फाइनल में हारने के मेरे डर के बारे में बात करते रहे हैं कि मैं कैसे दबाव में आ जाती हूं। लेकिन अब मैं कह सकती हूं कि मैंने अपने रैकेट से जवाब दिया। लेकिन ओलंपिक पूरी तरह से अलग है। रियो (ओलंपिक) और विश्व चैम्पियनशिप ने मुझे अलग तरह की यादें दीं। लेकिन हां अभी एक स्वर्ण पदक और जीतना है। इसके लिए निश्चित रूप से मैं कड़ी मेहनत करूंगी और तोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश करूंगी। उस स्वर्ण पदक (ओलंपिक) के लिए मेरी कैबिनेट में एक स्थान खाली है। ओलंपिक क्वालीफिकेशन चल रहे हैं और इस जीत से आगे बढ़ने के लिए मेरा आत्मविश्वास बढ़ेगा।'

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आलंपिक में स्वर्ण जीतना इतना आसान नहीं है: पीवी सिंधु    
उन्होंने हालांकि कहा कि तोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक की डगर काफी कठिन होगी। क्योंकि अब उनकी प्रतिद्वंद्वी उनकी कमजोरियों का फायदा उठाने की कोशिश करेंगी और सफलता हासिल करने के लिए उन्हें अपने गेम में कुछ नया करने की जरूरत होगी। सिंधु ने कहा, '2016 में (रियो) मेरा पहला ओलंपिक था और तब मुझे कोई ज्यादा नहीं जानता था। मैं खिलाड़ियों में से महज एक थी। लेकिन रियो के बाद सब कुछ बदल गया और अब विश्व चैम्पियनशिप के बाद हर कोई नयी चीजों को सीखने की कोशिश करेगा। मुझे भी प्रत्येक टूर्नामेंट में नयी चीजों को सीखना चाहिए क्योंकि प्रतिद्वंद्वियों के पास मेरे लिए भी कुछ तरह की रणनीति होगी।'

ओलंपिक गोल्डके लिए अभी से तैयारियों में जुटी पीवी सिंधु
अपनी ट्रेनिंग के बारे में पीवी सिंधु ने कहा, 'मैं किम के साथ काम कर रही हूं। उन्होंने मुझमें कुछ बदलाव किए हैं और इससे मुझे मदद मिली। लेकिन अब मुझे कुछ नई चीजें सीखनी हैं। मुझे नेट-प्ले पर काम करने की जरूरत है।' विश्व रैंकिंग में पांचवें स्थान से सिंधु ने ओलंपिक क्वालीफिकेशन में अपना स्थान लगभग पक्का कर दिया है। जब तोक्यो ओलंपिक का ड्रा होगा तो ऊंची रैंकिंग निश्चित रूप से उन्हें शीर्ष खिलाड़ियों से भिड़ंत से बचने में मदद करेगी। इस बारे में सिंधू ने कहा, 'रैंकिंग मायने रखती है क्योंकि ड्रॉ इसी पर निर्भर होगा लेकिन मैं इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचती क्योंकि अगर मैं अच्छा खेल सकती हूं तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा। और फिर अंत में आपको इन शीर्ष खिलाड़ियों को फिर से हराकर स्वर्ण हासिल करना होगा।

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  • Web Title:PV Sindu says she kept an empty space in the cabinet of her trophies for Olympic Gold