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नीरज चोपड़ा ने बताया, गोल्ड जीतने के अगले दिन शरीर दुख रहा था, लेकिन कोई समस्या नहीं थी

ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचने वाले नीरज चोपड़ा ने सोमवार को खुलासा किया कि टोक्यो खेलों में यादगार प्रदर्शन के बाद उनका शरीर दुख रहा था, लेकिन उन्होंने जो एतिहासिक नतीजा हासिल किया उसे...

नीरज चोपड़ा ने बताया, गोल्ड जीतने के अगले दिन शरीर दुख रहा था, लेकिन कोई समस्या नहीं थी
Mohan Kumarभाषा,नई दिल्लीTue, 10 Aug 2021 07:36 AM

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ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचने वाले नीरज चोपड़ा ने सोमवार को खुलासा किया कि टोक्यो खेलों में यादगार प्रदर्शन के बाद उनका शरीर दुख रहा था, लेकिन उन्होंने जो एतिहासिक नतीजा हासिल किया उसे देखते हुए यह दर्द सहन करने में कोई समस्या नहीं थी। खेल मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में टोक्यो खेलों के भारत के सात पदक जीतने वाले खिलाड़ियों और टीमों को स्वदेश पहुंचे पर सोमवार की शाम को सम्मानित किया। इस मौके पर भाला फेंक का ओलंपिक गोल्ड जीतने वाले चोपड़ा ने कहा कि उन्हें पता था कि फाइनल में दूसरे प्रयास में उन्होंने भाले को 87.48 मीटर की दूरी तक फेंककर कुछ खास किया है। चोपड़ा ने इस दूरी के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

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चोपड़ा ने कहा, 'मुझे पता था कि मैंने कुछ विशेष कर दिया है, असल में मैंने सोचा कि मैंने अपना निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। मेरी थ्रो काफी अच्छी गया था।' चोपड़ा का निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 88.07 मीटर है जो उन्होंने इसी साल हासिल किया था। उन्होंने कहा, 'अगले दिन मेरे शरीर ने महसूस किया कि वह प्रदर्शन इतना विशेष था, शरीर दुख रहा था लेकिन यह दर्द सहन करने में कोई समस्या नहीं थी।' चोपड़ा ने कहा, 'यह मेडल पूरे देश के लिए है।'सेना के 23 साल के इस खिलाड़ी ने कहा कि देश के खिलाड़ियों के लिए उनका एकमात्र संदेश यह है कि कभी भी डरो नहीं। उन्होंने कहा, 'मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि विरोधी चाहे कोई भी हो, अपना सर्वश्रेष्ठ दो। आपको बस यही करने की जरूरत है और इस गोल्ड मेडल के यही मायने हैं। कभी विरोधी से मत डरो।' चोपड़ा ओलंपिक में गोल्ड जीतने वाले 13 साल में पहले भारतीय खिलाड़ी के अलावा ट्रैक एवं फील्ड में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय भी बने।

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सेना के 23 साल के इस खिलाड़ी ने कहा कि देश के खिलाड़ियों के लिए उनका एकमात्र संदेश यह है कि कभी भी डरो नहीं। उन्होंने कहा, 'मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि विरोधी चाहे कोई भी हो, अपना सर्वश्रेष्ठ दो। आपको बस यही करने की जरूरत है और इस गोल्ड मेडल के यही मायने हैं। कभी विरोधी से मत डरो।' चोपड़ा ओलंपिक में गोल्ड जीतने वाले 13 साल में पहले भारतीय खिलाड़ी के अलावा ट्रैक एवं फील्ड में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय भी बने।

चोपड़ा ने खेलों से पहले अपने लंबे बाल कटवा दिए थे और जब इस बारे में उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'मुझे लंबे बाल पसंद हैं लेकिन मैं गर्मी से परेशान हो रहा था, लंबे बालों से काफी पसीना आता था। इसलिए मैंने बाल कटवा दिए।' चोपड़ा के गोल्ड मेडल के अलावा वेटलिफ्टर मीराबाई चानू और पहलवान रवि कुमार दहिया ने सिल्वर मेडल जीते। मेंस हॉकी टीम, मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन, बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु और पहलवान बजरंग पुनिया ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए।
 

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