DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

भारतीय महिला हॉकी टीम ओलंपिक टेस्ट टूर्नामेंट के फाइनल में

भारत तीन मैचों में पांच अंक लेकर शीर्ष पर रहा और अब बुधवार को फाइनल में उसका मुकाबला विश्व में 14वें नंबर के जापान से होगा।

the indian women   s hockey team   twitter

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम ने मंगलवार को यहां चीन से गोलरहित ड्रॉ खेलकर ओलंपिक परीक्षण प्रतियोगिता के फाइनल में जगह बनाई। भारतीय टीम पहले क्वार्टर में अच्छी लय में दिख रही थी और उसने चीनी रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बनाया। विश्व में दसवें नंबर की भारतीय टीम को आठवें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर मिल लेकिन गुरजीत कौर इसे गोल में नहीं बदल पाई। 

भारत ने दूसरे क्वार्टर में भी आक्रामक शुरुआत की और उसने 17वें मिनट में दूसरा पेनल्टी कार्नर हासिल किया। गुरजीत के प्रयास को फिर से चीनी गोलकीपर डोंगझियाओ ली ने नाकाम कर दिया। चीन को फाइनल में पहुंचने के लिए जीत की दरकार थी, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति ने उसके हर हमले को असफल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। 

पाकिस्तान में डेविस कप को लेकर AITA-ITF की बैठक रद्द: महेश भूपति

भारत तीन मैचों में पांच अंक लेकर शीर्ष पर रहा और अब बुधवार को फाइनल में उसका मुकाबला विश्व में 14वें नंबर के जापान से होगा। भारतीय महिलाएं ने तीन मैचों से पांच अंक हासिल करते हुए अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान पर रहते हुए लीग चरण का अंत किया और इसी लिहाज से वह फाइनल में जाने में सफल रहीं। 

भारत की इस जीत की हीरो सविता रहीं, जिन्होंने शानदार बचाव करते हुए चीन को गोल नहीं करने दिया। ओई हॉकी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में भारतीय महिलाएं पहले क्वार्टर से अच्छी लय में थीं। उन्होंने लगातार चीन के डिफेंस पर दबाव बनाकर रखा।

आठवें मिनट में भारत को पेनाल्टी कॉर्नर मिला जिसे गुरजीत कौर गोल में तब्दील नहीं कर पाईं। चीन ने भी काउंटर किया, लेकिन उसके हिस्से भी गोल नहीं आया। दूसरे क्वार्टर में आने के दो मिनट बाद ही भारत को दूसरा पेनाल्टी कॉर्नर मिला और गुरजीत इस बार भी असफल ही रहीं। दूसरे क्वार्टर में दोनों टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा अच्छी रही लेकिन गेंद को नेट में डालने में दोनों ही टीमों की खिलाड़ी असफल रहीं। 

BWF World Championships: प्रणॉय और प्रणीत प्री-क्वार्टर फाइनल में 

चीन को फाइनल में जाने के लिए किसी भी तरह से जीत चाहिए थी। वह इसके लिए पूरी कोशिश में थी। 41वें मिनट में उसे पेनाल्टी कॉर्नर से गोल करने का मौका मिला जिसे भारतीय गोलकीपर सविता ने पूरा नहीं होने दिया। 47वें मिनट में भी सविता ने चीन को मिले पेनाल्टी कॉर्नर पर गोल नहीं होने दिया। काफी कोशिशों के बाद भी मैच के अंत तक दोनों टीमें गोलरहित रहीं और मैच गोलरहित ड्रॉ पर खत्म हुआ। 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Indian Womens Hockey Team Reaches Final of Olympic Test Event