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Tokyo Olympics: चार साल में कुछ ऐसे कोच सोर्ड मारजेन ने 'शाहरुख खान' की तरह भारतीय महिला हॉकी टीम की बदल डाली तस्वीर

लाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Shubham Mishra
Mon, 02 Aug 2021 04:13 PM
Tokyo Olympics: चार साल में कुछ ऐसे कोच सोर्ड मारजेन ने 'शाहरुख खान' की तरह भारतीय महिला हॉकी टीम की बदल डाली तस्वीर

टोक्यो ओलंपिक में भारत की महिला हॉकी टीम ने अपने खेल से हर किसी का दिल जीत लिया है। क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को धूल चटाकर टीम इंडिया पहली दफा सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रही। टीम को इस बुलंदी तक पहुंचाने में टीम के कोच सोर्ड मारजेन का बड़ा रोल रहा। मारजेन को जब इस भारतीय टीम को सौंपा गया था तो हालात बद से बदतर थे। टीम ओलंपिक से बिना कोई जीत दर्ज किए स्वदेश लौटी थी। मारजेन ने इस युवा टीम में जोश और जुनून भरा और भारत की इन लड़कियों को भरोसा दिलाया कि वह किसी भी मैदान और किसी भी टीम को परास्त कर सकती हैं। आज पूरा देश रानी रामपाल की अगुवाई वाली भारतीय टीम की जमकर तारीफ कर रहा है, लेकिन सच तो यह है कि इस टीम को काबिल बनाने और इस स्टेज तक पहुंचाने में कोच सोर्ड मारजेन का किरदार बेहद खास रहा है। 

 

 

भारतीय महिला हॉकी टीम के सेमीफाइनल में एंट्री लेने के बाद सोशल मीडिया पर फैन्स मारजेन की तुलना 'चक द इंडिया' मूवी के कबीर खान से कर रहे हैं। मारजेन ने अपने करियर के दौरान 10 साल हॉकी खेली है। बता दें कि मारजेन एक मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं और वह अपने शब्दों से हमेशा ही इस भारतीय टीम में जान फूंकते रहते हैं। फील्ड पर खिलाड़ियों के साथ बेहद सख्त रहने वाले मारजेन टीम की इस ऐताहसिक जीत पर खुद को रोक नहीं सके और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। मारजेन भारतीय हॉकी टीम के लिए असल जिंदगी के 'कबीर खान' खान साबित हुए हैं, जिन्होंने चार साल दिन-रात कड़ी मेहनत करके टीम को इस मुकाम तक पहुंचाया। 

 

 

मारजेन ने भारतीय हॉकी टीम के माइंसेट को बदला जिसका साफ असर ओलंपिक में टीम के प्रदर्शन पर दिखा। रानी रामपाल की टीम ऑस्ट्रेलिया जैसी धाकड़ टीम के खिलाफ भी चढ़कर खेली और पूरी मुकाबले में हावी रही। मारजेन के बारे में क्वार्टर फाइनल में गोल दागने वालीं गुरजीत कौर बताती हैं कि वह बाकी कोचों से बिलकुल अलग हैं। मारजेन हमेशा ही टीम की खिलाड़ियों को प्रेरित करते हैं कि वह खुद हर समस्या का समाधान खोजे एक लीडर की तरह मैदान पर उतरे। मारजेन का यह अंदाज टोक्यो ओलंपिक में भारत की टीम में साफतौर पर झलका और टीम हर परेशानी का हल खोजती चली गई। यह मारजेन की कोचिंग का ही असर है कि भारत अब बड़ी से बड़ी टीम के खिलाफ भी निडर होकर मैदान पर खेलती है। 
 

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