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खेलभारत ने रचा इतिहास, वर्ल्ड चेस ओलंपियाड में पहली बार जीता गोल्ड मेडल

लाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Mohan Kumar
Sun, 30 Aug 2020 08:47 PM
भारत ने रचा इतिहास, वर्ल्ड चेस ओलंपियाड में पहली बार जीता गोल्ड मेडल

भारत की शतरंज टीम ने इतिहास रचते हुए ऑनलाइन विश्व शतरंज ओलंपियाड में पहली बार गोल्ड मेडल पर कब्जा किया है। भारत और रूस को इंटरनेट और सर्वर की खराबी के कारण रविवार को 2020 ऑनलाइन शतरंज ओलंपियाड में संयुक्त विजेता घोषित किया गया। पहले रूस को विजेता घोषित किया गया क्योंकि फाइनल में भारत के दो खिलाड़ियों निहाल सरीन और दिव्या देशमुख ने सर्वर के साथ कनेक्शन नहीं बन पाने से समय गंवाया। भारत ने इस विवादास्पद फैसले पर विरोध व्यक्त किया जिसके बाद इसकी समीक्षा की गई। इस ऐतिहासिक जीत पर भारत के दिग्गज चेस मास्टर विश्वनाथन आनंद ने भी प्रतिक्रिया दी है।

अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (फिडे) के लिए यह पहला अवसर था जबकि उसने कोविड-19 महामारी के कारण ओलंपियाड का ऑनलाइन आयोजन किया। विश्व संस्था ने ट्वीट किया, ''फिडे अध्यक्ष अर्काडी डोवोरकोविच ने दोनों टीमों भारत और रूस को फिडे ऑनलाइन शतरंज ओलंपियाड का स्वर्ण पदक देने का फैसला किया है।''

फाइनल का पहला दौर 3-3 से बराबर रहा था। पहली छह बाजियां बराबरी पर छूटी थी। रूस ने दूसरा दौर 4.5-1.5 से जीता। उसकी तरफ से आंद्रेई एस्पिेंको ने सरीन को जबकि पोलिना शुवालोवा ने देशमुख पर जीत दर्ज की। इससे विवाद हो गया क्योंकि भारतीयों ने दावा किया खराब कनेक्शन के कारण उन्हें हार मिली।

दूसरे दौर में पी हरिकृष्णा का स्थान आने वाले आनंद ने इयान नेपोमिनियात्ची के खिलाफ ड्रॉ खेला जबकि कप्तान विदित गुजराती ने दानिल दुबोव के खिलाफ अंक बांटे। विश्व रैंपिड चैंपियन कोनेरू हंपी ने अलेक्सांद्रा गोरयाचकिना को हराया जबकि डी हरिका ने अलेक्सांद्रा कोस्तेनियुक के साथ बाजी ड्रॉ खेली। पहले दौर में गुजराती ने नेपोमिनियात्ची से ड्रॉ खेला जबकि हरिकृष्णा और व्लादीमीर आर्मेतीव ने भी अंक बांटे। अन्य मैचों में हंपी और हरिका ने क्रमश: लैगनो और कोस्तेनियुक के साथ ड्रॉ खेला जबकि आर प्रागननंदा और देशमुख भी अपने प्रतिद्वंद्वियों को बराबरी पर रोकने में सफल रहे।

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