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हॉकी इंडिया कार्ड होगा तभी खेल पाएंगे खिलाड़ी

यह पंजीकरण खिलाड़ी के जीवन में एक बार ही सम्भव हो सकेगा। एक बार पंजीकरण होने के बाद खिलाड़ी की जन्म की तारीख, पिता का नाम नहीं बदला जा सकेगा। इससे फ्रॉड मामलों पर नकेल लगाई जा सकेगी।

indian men   s hockey team  getty images

रियल टाइम रजिस्ट्रेशन सिस्टम को लागू करने और इस प्रक्रिया के भरपूर उपयोग की दिशा में पहल करते हुए हॉकी इंडिया ने एक नया एवं कस्टम बिल्ट पोर्टल- हॉकी इंडिया मेंबर यूनिट्स पोर्टल लॉन्च करने की शुक्रवार को घोषणा की। इस पोर्टल के लांच होने के बाद एक बार खिलाड़ी जब हॉकी इंडिया मेम्बर यूनिट पोर्टल पर पंजीकृत हो गया तो उसे हॉकी इंडिया कार्ड प्रदान किया जाएगा। उन्हीं खिलाड़ियों को भविष्य में होने वाले हॉकी इंडिया राष्ट्रीय आय़ोजनों में हिस्सा लेने की छूट होगी, जो हॉकी इंडिया मेंम्बर यूनिट पोर्टल पर पंजीकृत हैं।

यह ऑनलाइन पोर्टल हॉकी इंडिया के पंजीकृत सदस्य इकाइयों को कई तरह की आजादी प्रदान करेगा। अब वे मौजूदा मैनुएल सिस्टम से डिजिटल प्लेटफॉर्म की ओर अग्रसर होंगे और अपने खिलाड़ियों तथा अधिकारियों के पंजीकरण,अस्थायी और स्थायी खिलाड़ियों के ट्रांसफर से जुड़े आवेदन, भविष्य में होने वाले नेशनल चैम्पियनशिप के लिए दस्तावेजों की प्रस्तुति (टीम इंट्री फॉर्म सहित), पार्टिसिपेशन फीस इत्यादि के लिए इस आसान प्रक्रिया का उपयोग कर सकेंगे।

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खेल एवं युवा मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए हॉकी इंडिया मेम्बर पोर्टल के माध्यम से सभी सदस्य इकाइयों को सदस्यता कम्प्लाएंस, राज्य स्तरीय इवेंट्स, आडिट रिपोटर्स इत्यादि से जुड़े दस्तावेजों को जमा करने में आसानी होगी। पहले यह काम मैनुअली होता था।

हॉकी इंडिया की पंजीकृत सदस्य इकाइयों को शुरुआती चरण में उन खिलाड़ियों के प्रलेखन को सत्यापित करने की आवश्कता होगी, जिनके नाम हॉकी इंडिया पहले से ही आईडी कार्ड जारी कर चुका है। साथ ही सम्बंधित श्रेणी के लिए जरूरी दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही उसे नए खिलाड़ियों का पंजीकरण करना होगा। हॉकी इंडिया से खिलाड़ियों के सम्बंध में मंजूरी मिलने के बाद हर खिलाड़ी को हॉकी इंडिया पोर्टल पर पंजीकृत करना होगा।

यह पंजीकरण खिलाड़ी के जीवन में एक बार ही सम्भव हो सकेगा और एक बार पंजीकरण होने के बाद खिलाड़ी की जन्म की तारीख, पिता का नाम नहीं बदला जा सकेगा। इससे उम्र और दस्तावेजों से जुड़े फ्रॉड मामलों पर नकेल लगाई जा सकेगी।

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दस्तावेजों को अपलोड करने की प्रक्रिया की समाप्ति के बाद उन्हें सक्षम प्राधिकारी द्वारा सत्यापित और अनुमोदित किया जाएगा। साथ ही  के पास भविष्य में होने वाली हॉकी इंडिया चैम्पियनशिप के लिए अपनी सदस्य इकाई के स्वीकृत खिलाड़ियों के पूल से ही टीम बनाने और उसे पंजीकृत कराने की आजादी होगी।

इस प्लेटफॉर्म को दूसरे चरण में इस तरह विकसित किया जाएगा कि इसमें सभी राज्य स्तरीय टूर्नामेंट्स/ चैम्पियनशिप, कोचों, तकनीकी अधिकारी पंजीकरण, हॉकी इंडिया कोचिंग एजुकेशन पाथवे से जुड़ी जानकारियों इत्यादि को आनलाइन किया का सके।

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  • Web Title:hockey india card hoga tabhi khel payenge khilardi