Hindi Newsखेल न्यूज़Head coach Mohammad Ali Qamar said If there was no obstacle in practice then gold medal would have been more for India
हेड कोच मोहम्मद अली कमर बोले- प्रैक्टिस में अगर बाधा नहीं पड़ती, तो गोल्ड मेडल भारत के नाम और होते

हेड कोच मोहम्मद अली कमर बोले- प्रैक्टिस में अगर बाधा नहीं पड़ती, तो गोल्ड मेडल भारत के नाम और होते

संक्षेप:

भारत की सभी 10 महिला मुक्केबाजों ने एशियाई चैंपियनशिप में मेडल जीते, लेकिन मुख्य कोच मोहम्मद अली कमर का मानना है कि अगर कोविड-19 के कारण उनके अभ्यास में बाधा नहीं पड़ती, तो गोल्ड...

May 31, 2021 12:54 pm ISTNamita Shukla भाषा, नई दिल्ली
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भारत की सभी 10 महिला मुक्केबाजों ने एशियाई चैंपियनशिप में मेडल जीते, लेकिन मुख्य कोच मोहम्मद अली कमर का मानना है कि अगर कोविड-19 के कारण उनके अभ्यास में बाधा नहीं पड़ती, तो गोल्ड मेडल और ज्यादा भारत के नाम होते। भारतीय महिला टीम ने 10 भार वर्गों में हिस्सा लिया था। उसने एक गोल्ड, तीन सिल्वर और छह ब्रोन्ज मेडल जीते।

इनमें से सात मेडल तो ड्रॉ के दिन ही पक्के हो गए थे, क्योंकि इनमें कम प्रति​स्पर्धियों ने हिस्सा लिया था। अली कमर ने कहा, 'मैं ओवरऑल प्रदर्शन से काफी संतुष्ट हूं। हां, हम अधिक गोल्ड मेडल जीत सकते थे, लेकिन हमें चैंपियनशिप से पहले अभ्यास करने का ज्यादा मौका नहीं मिला, इसलिए मैं शिकायत नहीं कर सकता।' उन्होंने कहा, 'सभी सिल्वर मेडलिस्ट करीबी मुकाबलों में हारे और उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। एक कोच के रूप में मैं इससे अधिक उम्मीद नहीं कर सकता।'

अली कमर ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुकी एमसी मैरीकॉम (51 किग्रा), टूर्नामेंट में डेब्यू करने वाली लालबुतसाई (64 किग्रा) और अनुपमा (81 किग्रा से अधिक) की करीबी हार के बारे में बात कर रहे थे। ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुकी पूजा रानी (75 किग्रा) भारत की तरफ से गोल्ड मेडल जीतने वाली इकलौता महिला मुक्केबाज रहीं। भारतीय टीम का राष्ट्रीय शिविर दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में चल रहा था, लेकिन कोविड-19 के कई मामले पाए जाने के बाद इसे रोक दिया गया था।

Namita Shukla

लेखक के बारे में

Namita Shukla
नमिता शुक्ला लाइव हिन्दुस्तान में खेल संपादक के तौर पर कार्यरत हैं। इन्हें हिंदी पत्रकारिता में करीब 15 साल का अनुभव है। 2008 में नवभारत टाइम्स अखबार में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट बनकर खेल पत्रकारिता का पहला अनुभव हासिल किया। 2009 में स्पोर्ट्स रिपोर्टर के तौर पर फोकस टीवी से जुड़ीं और फिर 2010 में डिजिटल जर्नलिज्म में पारी का आगाज किया। दैनिक जागरण में करीब पौने दो साल काम करने के बाद आजतक में अपनी पारी 2012 में शुरू की। आजतक में तीन साल आठ महीने काम करने के दौरान शिफ्ट इंजार्ज भी बनीं और आजतक के स्पोर्ट्स पेज को भी लॉन्च किया। 2015 में नमिता ने लाइव हिन्दुस्तान के साथ अपनी पारी शुरू की। करीब 15 साल के करियर में नमिता ने ओलंपिक गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स, क्रिकेट वनडे वर्ल्ड कप, टी20 वर्ल्ड कप, आईपीएल जैसे तमाम बड़े इवेंट्स कवर किए हैं। इन्होंने वीरेंद्र सहवाग, विश्वनाथन आनंद, गौतम गंभीर, सुशील कुमार, मनिका बत्रा जैसे एथलीट्स का इंटरव्यू किया है। इन्होंने गूगल और मेटा की तरफ से फैक्ट चेकिंग के सर्टिफिकेट भी हासिल किए हैं। इन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक किया है। और पढ़ें

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