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नीरज चोपड़ा ने कहा- मुझे तो याद ही नहीं था कि मेरे साथ चीन और पाक के खिलाड़ी खड़े हैं

एशियाई खेलों में भारत को पहली बार जैवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल दिलाकर 20 साल के नीरज चोपड़ा ने इतिहास रचा। चोपड़ा ने 88.06 मीटर की दूरी पर भाला फेंककर नया नेशनल रिकॉर्ड भी बनाया।

पाकिस्तानी खिलाड़ी से हाथ मिलाते नीरज (photo - twitter)

1 / 2पाकिस्तानी खिलाड़ी से हाथ मिलाते नीरज (photo - twitter)

गोल्ड मेडल जीतने के बाद नीरज चोपड़ा (file photo)

2 / 2गोल्ड मेडल जीतने के बाद नीरज चोपड़ा (file photo)

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एशियाई खेलों में भारत को पहली बार जैवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल दिलाकर 20 साल के नीरज चोपड़ा ने इतिहास रचा। चोपड़ा ने 88.06 मीटर की दूरी पर भाला फेंककर नया नेशनल रिकॉर्ड भी बनाया। जकार्ता में मेडल हासिल करते हुए उन्होंने खेल की ऐसी भावना का परिचय दिया था कि पूरा देश उन पर गर्व कर रहा है। नीरज का कहना है कि उन्हें तो ध्यान ही नहीं रहा था कि वो पोडियम पर चीन और पाकिस्तान के साथ खड़े हैं।

बता दें कि 18वें एशियाई में गोल्ड जीतने के बाद नीरज चोपड़ा ने मेडल सेरेमनी के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ी से हाथ मिलाया और चीन के खिलाड़ी को भी साथ लेकर फोटो खिंचवाई थी। नीरज चोपड़ा की ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं और लोगों ने उनकी काफी तारीफ की। लोगों ने कहा का पड़ोसी देशों के बीच कैसे भी राजनीतिक रिश्ते हों लेकिन नीरज ने खेल की भावना का सम्मान किया। हालांकि नीरज का कहना है कि मेडल लेते वक्त उन्हें एक पल के लिए यह मालूम ही नहीं पड़ा कि वो सिल्वर जीतने वाले चीनी खिलाड़ी और ब्रॉन्ज जीतने वाले पाकिस्तानी खिलाड़ी नदीम के बीच खड़े हैं।

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'तिरंगे और राष्ट्रगान के सामने भावुक हो गया'
नीरज चोपड़ा ने कहा, "उस वक्त मैंने यह ध्यान ही नहीं दिया कि मैं चीनी और पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ खड़ा हूं। सामने तिरंगा झंडा देखकर और राष्ट्र गान सुनकर मैं काफी भावुक हो गया था। मैं सोचने लगा कि यहां तक पहुंचने के लिए मैंने कितनी मेहनत और संघर्ष किया है।" हालांकि नीरज का मानना है कि खेलों का काम है लोगों को जोड़ना, ना कि नफरत पैदा करना। उन्होंने कहा, "खेल हमेशा ही एकजुट करने की शिक्षा देता है। अपने प्रतिद्वंद्वियों को सम्मान देने की सीख देता है। स्पोर्ट्स का काम नफरत पैदा करना नहीं है।"

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गौरतलब है कि जब नीरज ने पाकिस्तानी खिलाड़ी नदीम के साथ हाथ मिलाया तो काई खेल हस्तियों ने उनकी तारीफ की थी। सानिया मिर्जा ने फोटो शेयर करते ट्विटर पर कहा कि खेल सबसे अच्छी शिक्षा है जो आप अपने बच्चों को दे सकते हैं। उन्होंने लिखा था, "यह आपको स्पोर्ट्समैनशिप, समानता, इज्जत और सबसे जरूरी मानवता का पाठ पढ़ाता है। लोगों को ऐसे चैंपियन एथलीट्स से सीखना चाहिए।" 

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  • Web Title:gold medal winner Neeraj Chopra said he didnt realise he was standing with Chinese and Pakistani athletes