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हिंदी न्यूज़ खेलFIFA WC: जब 1966 में एक कुत्ते ने मेजबान देश इंग्लैंड की बचाई थी इज्जत

FIFA WC: जब 1966 में एक कुत्ते ने मेजबान देश इंग्लैंड की बचाई थी इज्जत

फीफा विश्व कप इतिहास से जुड़ा एक रोचक यह भी है, जब एक छोटे से कुत्ते ने पूरी दुनिया में इंग्लैंड की इज्जत निलाम होने और विश्व कप के आयोजन को रद्द होने से बचा लिया था। यह पढ़कर आपको जरूर हैरत हो रहा...

FIFA WC: जब 1966 में एक कुत्ते ने मेजबान देश इंग्लैंड की बचाई थी इज्जत
Namitaलाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीFri, 08 Jun 2018 08:31 AM
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फीफा विश्व कप इतिहास से जुड़ा एक रोचक यह भी है, जब एक छोटे से कुत्ते ने पूरी दुनिया में इंग्लैंड की इज्जत निलाम होने और विश्व कप के आयोजन को रद्द होने से बचा लिया था। यह पढ़कर आपको जरूर हैरत हो रहा होगा, लेकिन यह एक सच्ची घटना है। दरअसल, 1966 के फीफा विश्व कप की मेजबानी इंग्लैंड को मिली थी। पूरे इंग्लैंड में खुशी का माहौल था और वहां की सरकार 8वें फीफा विश्व कप के आयोजन को सफल बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही थी। इस दौरान फीफा विश्व कप की चमचमाती ट्रॉफी को सेंट्रल लंदन के वेस्टमिनिंस्टर हॉल में आम लोगों के सामने प्रदर्शन के लिए रखा गया था।

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वेस्टमिनिंस्टर हॉल से चोरी हो गई थी विश्व कप ट्रॉफी

फुटबॉल विश्व कप शुरू होने में अभी 4 महीने बाकी थे और आम लोगों के सामने प्रदर्शन के लिए रखी गई ट्रॉफी 20 मार्च, 1966 को चोरी हो गई। इंग्लैंड सहित पूरी दुनिया में यह खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। सबको इस बात की हैरानी हो रही थी कि इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आखिर फीफा विश्व कप ट्रॉफी चोरी कैसे हो गई और किसने चोरी की? हालांकि, यह रहस्य आज भी बरकरार है। दुनिया भर के अखबारों में खबर छपी और इंग्लैंड की इज्जत खराब हो रही थी। 

स्कॉटलैंड यॉर्ड को छानबीन सौंपी गई

स्कॉट्लैंड यॉर्ड को ट्रॉफी खोजबीन के लिए लगाया गया। चश्मदीदों, गवाहों और अपने अनुमान के मुताबिक पुलिस को कुछ सुराग मिले थे, लेकिन मामला भ्रमित करने वाला था। दो-दो अलग बयानों के मुताबिक चोर बहुत लंबे कद का था और छोटे कद का भी था। फुटबॉल एसोसिएशन ने चोरी-छिपे लंदन में डिजाइनर जॉर्ज बर्ड से मुलाकात की और उन्हें चोरी हुई ट्रॉफी के जैसी ही दिखने वाली ट्रॉफी बनाने का ऑर्डर दे दिया। एसोसिएशन के हेड डेनिस फॉलोस ने इस बारे में किसी को नहीं बताया था, यहां तक कि फीफा प्रेसिडेंट स्टैंले रोस को भी नहीं।

जब फुटबॉल एसोसिएशन के चेयरमैन को मिली अज्ञात चिठ्ठी

इस बीच फुटबॉल एसोसिएशन के चेयरमैन जो मीयर्स को एक अज्ञात चिट्ठी मिली, जिस पर जैक्सन नाम के किसी आदमी के हस्ताक्षर थे। उसने फीफा विश्व कप की ट्रॉफी के बदले 15 हजार यूरो की फिरौती मांगी थी। यह बात स्कॉटलैंड यॉर्ड के अधिकारियों तक पहुंची और उन्होंने जो मीयर्स से कहा कि वो फिरौती मांगने वाले शख्स से कहें कि उसकी मांग मान ली गई है। इसके बाद पुलिस ने एक सूटकेस में कागज भरे और उसके ऊपर 5-5 यूरो के नोट लगा दिए। स्कॉटलैंड यॉर्ड के एक अधिकारी ने फिरौती की रकम देने के बहाने ‘जैक्सन’ नाम के शख्स से मुलाकात की और उसे गिरफ्तार कर लिया। बाद में पता चला कि उस व्यक्ति का नाम जैक्सन नहीं बल्कि एडवर्ड बैटले था और वह पूर्व आर्मी मैन था। 

पूर्व आर्मी अफसर ने विश्व कप ट्रॉफी के बदले मांगी थी फिरौती

बैटले के पकड़े जाने के बाद भी फीफा विश्व कप ट्रॉफी का कोई पता नहीं चल सका। 27 मार्च, दिन रविवार। साउथ लंदन के नॉरवूड में रहने वाले डेव कॉर्बेट अपने घर से कोई फोन कॉल करने निकले थे और साथ में अपने डॉगी 'पिकल्स' को भी वॉक पर ले गए थे। फिर जो हुआ वह कुछ इस तरह था, डेव कॉर्बेट ने बताया, 'पिकल्स मेरे पड़ोसी की कार के आसपास लगातार चक्कर लगा रहा था। तभी मैनें वहां अखबार में लिपटा हुआ और बहुत सख्ती से बांधा हुआ एक पैकेज देखा। मैंने उसे थोड़ा सा फाड़ा तो मुझे एक ब्लैंक शील्ड नजर आई और फिर वहां ब्राजील, वेस्ट जर्मनी और उरुग्वे जैसे शब्द लिखे हुए थे। मैंने उसे दूसरी तरफ से फाड़ा तो एक लेडी ने अपने हाथों में एक कटोरी उठा रखी थी। मैंने अखबारों और टीवी पर वर्ल्ड कप की तस्वीरें देखी थीं तो इसलिए मेरा दिल जोर-जोर से धड़कने लगा।'

रातों रात ही दुनियाभर में स्टार बन गया था 'पिकल्स'

डेव उसके बाद पास के पुलिस स्टेशन में गए और उन्होंने वहां जाकर वर्ल्ड कप की ट्रॉफी दिखाई। स्कॉटलैंड यार्डने डेव कॉर्बेट से लंबी पूछताछ की, पुलिस को शक था कि डेव कॉर्बेट ने ही ट्रॉफी चुराई थी, लेकिन थोड़ी देर बाद उन्होंने डेव को छोड़ दिया और जब वो वापस अपने घर नॉरवूड पहुंचे तो वहां मीडिया ही मीडिया थी। दुनियाभर की मीडिया ने उनसे सैंकड़ों सवाल किए। डेव कॉर्बेट और उनका कुत्ता 'पिकल्स' रातों रात इंटरनेशनल स्टार बन गए। दुनिया 'पिकल्स' की दीवानी हो रही थी और उसे नेशनल केनाइन डिफेंस लीग की ओर से मेडल दिया गया। इस डॉगी ने कई फिल्मों जैसे ‘द स्पाई विद कोल्ड नोज’ में काम किया। उसे 'डॉग ऑफ द ईयर', 'इटैलियन डॉग ऑफ द ईय़र' जैसे बड़े-बड़े अवॉर्ड्स मिले।

घर के बगीचे में मिली थी 'पिकल्स' की लाश

इंग्लैंड ने अपनी मेजबानी में जर्मनी को हराकर अपना पहला विश्व कप खिताब जीता तो डॉगी पिकल्स और उसके मालिक डेव कॉर्बेट को सेलेब्रेटरी डिनर में इनवाइट किया गया। उस डिनर के मेन रिसेप्शन इवेंट में वर्ल्ड कप विनिंग टीम के खिलाड़ियों की पत्नियों और गर्लफ्रेंड्स को न्योता नहीं मिला, जबकि पिकल्स वहां पर मुख्य अतिथि थे। उस वक्त वो सभी औरतें पिकल्स से काफी चिढ़ गई थीं। पिकल्स की अगले ही साल एक दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। डेव कॉर्बेट के सरे काउंटी स्थित घर के गार्डन में पिकल्स मरा हुआ मिला। उसके मालिक डेव ने तब बताया था कि, शायद वो बिल्ली के पीछे भाग था और उसी दौरान गले में बंधे बेल्ट की चेन से उसकी गर्दन टूट गई। पिकल्स को लिंगफील्ड के कॉर्बेट्स गार्डन में दफनाया गया।

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