DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

महिलाओं को पुरुषों के बराबर इनामी राशि दी जानी चाहिए: सानिया मिर्जा

Sania Mirza.jpg

शीर्ष महिला टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा का मानना है कि भारत ने महिला सशक्तिरण के क्षेत्र में शानदार सुधार किया है, लेकिन इसमें अभी और बहुत कुछ करने की जरूरत है। सानिया ने फिक्की महिला संस्था के 35वें सालाना सत्र के दौरान कहा, “भारत में महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में हम एक लंबा सफर तय कर चुके हैं। लेकिन अभी भी इसमें बहुत कुछ करने की जरूरत है, खासकर खेलों में। खेलों में बहुत सी महिलाएं हैं, खासकर बैडमिंटन और कुश्ती में, इसके बावजूद हमें बहुत कुछ करना है।” 

उन्होंने कहा, ''मैं लंबे समय से कह रही हूं कि महिलाओं को पुरूषों के बराबरी इनामी राशि दी जानी चाहिए। यह भेदभाव पूरी दुनिया में सभी खेलों में है। मेरा सवाल है कि हमें यह समझाने की जरूरत क्यों है कि हमें पुरूषों के बराबर पुरस्कार राशि दी जानी चाहिए। मैं ऐसा दिन चाहती हूं कि जब हमें इसे समझाने की जरूरत ही नहीं पड़े।'' सानिया ने कहा, “मेरी अफसोस केवल इस बात को लेकर है कि एक टेनिस खिलाड़ी होने के नाते देश में मैं क्रिकेट से प्यार करती हूं। एक मां होने के नाते मुझे एहसास हुआ है कि मेरे अंदर निस्वार्थ प्रेम है। इसने मुझे एक बेहतर इंसान बनाया है।”

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान के बेटे को डेट कर रही हैं सानिया की बहन अनम मिर्जा!

युगल और मिश्रित युगल में ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने वाली भारत की पहली महिला टेनिस खिलाड़ी सानिया ने कहा कि एमसी मैरीकॉम, सायना नेहवाल और पीवी सिंधु जैसी खिलाड़ियों ने देश को गौरवान्वित किया है लेकिन अब भी खेलों में भेदभाव होता है। 

सानिया ने कहा, ''आज हम कम से कम 10 सुपरस्टार महिला खिलाड़ियों का नाम गिना सकते हैं जैसे सायना नेहवाल, पीवी सिंधु, मैरीकॉम, दीपा करमाकर और साक्षी मलिक। लेकिन 10 साल पहले ऐसा नहीं कर सकते थे। इसलिए हमने खेलों में महिला सशक्तिकरण के मामले में काफी लंबा सफर तय किया है लेकिन अब भी खेलों में महिलाओं के लिए काफी कुछ किए जाने की जरूरत है।

'भारतीय टेनिस की भलाई के लिए मतभेद भूलकर साथ आएं भूपति, सानिया और पेस'
 
सानिया ने कहा, “जब मैंने छह साल की उम्र से घर से बाहर निकलकर खेलना शुरू किया था। तब छोटी स्कर्ट पहनकर खेलने पर मुझे छींटाकशी का सामना करना पड़ता था। लेकिन मेरे माता-पिता ने हमेशा मेरा मनोबल बढ़ाया। उनके समर्थन और लगातार प्रोत्साहन के चलते ही मैं इस मुकाम तक पहुंच पाई, फिर भी भारतीय महिला को अभी लंबा सफर तय करना है।”

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Country needs to do lot more for women empowerment in sports says Sania Mirza