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21 अक्तूबर, 2020|5:22|IST

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जूनियर स्टीपलचेजरों के लिए बैरियर की ऊंचाई  हुई कम, वर्ल्ड एथलेटिक्स ने बदले  कई नियम

वर्ल्ड एथलेटिक्स ने एथलेटिक्स की कई स्पर्धाओं के नियमों में  बड़े बदलाव किए हैं। इसके तहत अब लांग या ट्रिपल जम्प करते समय जूते का कोई हिस्सा प्लास्टिसिन को छुएगा तो फाउल माना जाएगा। वहीं दुनियरा के किसी भी हिस्से में 20, 25 या 30 किलोमीटर दौड़ अब नहीं होंगी।

यही नहीं जूनियर पुरुष वर्ग में स्टीपलचेज के बैरियर (बाधा) की ऊंचाई 7.6 सेंटीमीटर कम कर दी गई है। ये सारे नियम पहली नवम्बर से लागू होने थे। पर अब ये ओलंपिक के बाद लागू होंगे।

स्टीपलचेजरों को मिलेगा फायदा

जूनियर यानी अण्डर-18 पुरुषों में स्टीपलेज की बाधाओं की ऊंचाई 91.4 सेंटीमीटर ऊंचाई होती है। इसे घटाकर 83.8 कर दिया गया है। इससे पूरे देश खासकर उत्तर प्रदेश के एथलीटों को खास फायदा होगा। अभी जूनियर और सीनियर पुरुष एथलीटों के लिए एक जैसी यानी 91.4 सेंटीमीटर ऊंचाई होती थी। उत्तर प्रदेश को स्टीपलचेजरों की खान माना जाता है। ऐसे में ऊंचाई कम होने का सबसे ज्यादा फायदा उत्तर प्रदेश के एथलीटों को होगा।

जूते का कोई हिस्सा बाहर निकला तो फाउट होगा
लांग या ट्रिपल जम्प करते समय जम्परों के जूते का कोई हिस्सा टेकऑफ बोर्ड के आगे लगे प्लास्टिसिन को छुएगा तो फाउल माना जाएगा। अभी तक प्लास्टिसिन पर स्पाइक्स की कीलों के निशान देखकर फाउट माना जाता था। इस नियम के लागू होने पर जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भी वीडिया कैमरा लगाना पड़ेगा। जिससे फाउल देखा जा सके।

डिकेथलीटों को मिलेगी राहत
डिकेथलान की दस और हेप्टेथलान सात स्पर्धाएं एथलीटों  को दो दिन में सुबह से लेकर शाम पांच बजे तक पूरी करनी होती थीं। अब इसका समय बढ़ाकर 48 घंटा कर दिया गया है। इससे आयोजकों को  जल्दीबाजी में इवेंट पूरे नहीं कराने पड़ेंगे। डिकेथलीटों की भी रिकवरी टाइम ज्यादा मिलेगा।

हीट करानी जरूरी होगी
एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में ज्यादा एथलीट होने पर आयोजक टाइम ट्रायल लेकर फाइन कराते थे। पर अब हर स्पर्धाओं की हीट करानी जरूरी होगी। यही नहीं पैदल चाल की स्पर्धा में फाउट करने वाले खिलाड़ी को एक गोले में एक मिनट  के लिए खड़ा कर दिया जाता था। पर अब इसे पेनल्टी जोन कहा जाएगा।

लागू होने वाले प्रमुख नियम
1- लांग जम्प एवं ट्रिपल जम्प में जूते का कोई हिस्सा भी प्लास्टिसिन से आगे निकला तो फाउल माना जाएगा,
2- डिकेथलान एवं हेप्टेथलान के इवेंट पूरे करने का समय बढ़ाया गया
3- आठ सौ मीटर के ऊपर के इवेंट में एथलीट अपने सात पानी की बोतल रख सकेंगे।
4- जूनियर बालकों की स्टीपलचेज के बैरियर की ऊंचाई 7.6 सेंटीमीटर कम की गई।
5- स्पर्धाओं की हीट करानी जरूरी होगी.
6- 20, 25, 30 किलोमीटर की दौड़ अब नहीं होंगी।
7- आयु वर्गों में बालक और बालिका शब्द नहीं होंगे। जूनियर, सीनियर पुरुष या महिला शब्दों का इस्तेमाल किया जाएगा।
8- पैदल चाल में होगा पेनल्टी जोन होगा।
 

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  • Web Title:Barrier height reduced for junior steeplechasers World Athletics changed many rules