शर्मनाक! पहले स्टैंड में बंदर दिखा, अब इंडिया ओपन बैडमिंटन में पक्षी की बीट से दो बार रोकना पड़ा मैच
इंडिया ओपन सुपर 750 में आयोजन संबंधी चिंताओं की सूची बढ़ती ही जा रही है और बृहस्पतिवार को एच एस प्रणय और सिंगापुर के लोह कीन यू के बीच पुरुष एकल के दूसरे दौर के मैच के दौरान ‘पक्षी की बीट’ के कारण दो बार मैच रोकना पड़ा।

इंडिया ओपन सुपर 750 में आयोजन संबंधी चिंताओं की सूची बढ़ती ही जा रही है और बृहस्पतिवार को एच एस प्रणय और सिंगापुर के लोह कीन यू के बीच पुरुष एकल के दूसरे दौर के मैच के दौरान ‘पक्षी की बीट’ के कारण दो बार मैच रोकना पड़ा।
इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में चल रहे टूर्नामेंट के तीसरे दिन भी असामान्य रुकावटें जारी रहीं। पहले से ही टूर्नामेंट खेलने की स्थितियों, खराब हवा, बहुत अधिक ठंड और इस हफ्ते की शुरुआत में स्टैंड में एक बंदर देखे जाने से जुड़ी शिकायतों के कारण जांच के दायरे में चल रहा है।
पूर्व विश्व चैंपियन लोह के खिलाफ प्रणय का मैच पहली बार तब रोका गया जब भारतीय खिलाड़ी पहले गेम में 16-14 से आगे था। निर्णायक गेम की शुरुआत में इसे फिर से रोका गया, जब प्रणय 1-0 से आगे थे।
दोनों मौकों पर टूर्नामेंट के अधिकारी कोर्ट एक (मुख्य टीवी कोर्ट) साफ करने के लिए आए। ऐसा लग रहा था कि छत से पक्षी की बीट गिरी थी।
प्रणय ने 21-18, 19-21, 14-21 से हार के बाद कहा, ‘यह पक्षी की बीट थी जिसने खेल को रोक दिया।’
लोह ने रुकावटों के बारे में बात नहीं की लेकिन प्रदूषण को एक मुद्दा बताया।
उन्होंने कहा, ‘हर किसी का स्टैमिना दो स्तर नीचे चला गया है। मौसम अच्छा नहीं है। मेरी सेहत काफी खराब हो गई है। मैं सही से सांस नहीं ले पा रहा हूं। जब भी हो सकता है मैं मास्क पहनता हूं। मैं जितना हो सके अंदर रहता हूं, बस यही कर सकता हूं।’
शुरुआत में इन रुकावटों से दर्शक और कमेंटेटर हैरान रह गए क्योंकि चेयर अंपायर ने अचानक अपना हाथ उठाकर खेल रोक दिया। अधिकारियों ने जल्द ही प्रभावित जगह को साफ करने के लिए टिशू और वाइप्स का इस्तेमाल किया।
ब्रेक के दौरान जब प्रणॉय तौलिया लेने गए तो लोह को नेट के पास जाने से पहले छत की ओर देखते हुए देखा गया।
दूसरी रुकावट निर्णायक गेम शुरू होने के तुरंत बाद आई, जिसके बाद खेल फिर से शुरू होने से पहले थोड़ी देर सफाई करनी पड़ी।
पूर्व भारतीय कोच विमल कुमार स्टैंड से मैच देख रहे थे। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि यह चिड़िया की बीट थी या नहीं, रुकावट सिर्फ 30-40 सेकेंड के लिए थी। उन्होंने फर्श साफ किया। मुझे नहीं पता कि यह चिंता की कोई बड़ी बात है। मैंने अब तक अंदर कोई चिड़िया नहीं देखी है, यह एक छोटी सी बात है।’
उन्होंने कहा, ‘चीन को छोड़कर, टूर्नामेंट के 90 प्रतिशत स्थल की हालत बहुत खराब है।’
लेकिन उन्होंने कहा कि साफ-सफाई में सुधार किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘एक बात यह है कि हम इतने बड़े टूर्नामेंट आयोजित करते हैं तो हमारे पास अच्छी टॉयलेट सुविधाएं क्यों नहीं हो सकती? स्टेडियम का रख रखाव बहुत जरूरी है। यह भारतीय बैडमिंटन संघ या आयोजकों का काम नहीं है?’
यह घटना टूर्नामेंट में खिलाड़ियों की लगातार शिकायतों के बाद हुई है।
मंगलवार को डेनमार्क की मिया ब्लिचफेल्ट ने खराब परिस्थितियों को लेकर असंतोष व्यक्त किया जबकि उनके देश के एंडर्स एंटोनसेन ने सोशल मीडिया पोस्ट में बहुत अधिक प्रदूषण का हवाला देते हुए लगातार तीसरे साल टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया।
बुधवार को आयोजकों को तब और शर्मिंदगी हुई जब टूर्नामेंट के दौरान स्टैंड में एक बंदर देखा गया।
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय, असिस्टेंट एडिटर
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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